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भारत में चलेगी 'हवा में उड़ने वाली बस'! नितिन गडकरी ने शेयर किया वीडियो, दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों के लिए खास

नितिन गडकरी ने शारजाह में स्काई बस जैसी एलिवेटेड ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी को देखा और राइड ली. उन्होंने कहा कि यह तकनीक भविष्य में भारत के बड़े शहरों में ट्रैफिक कम करने में मदद करेगी.

हवा में चलेगी बस? गडकरी का नया विजन
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  • नितिन गडकरी ने हवा में उड़ने वाली बस यानी स्काई बस टेक्नोलॉजी को भारत में लागू करने की इच्छा जताई
  • स्काई बस में वाहन एलिवेटेड स्ट्रिंग रेल सिस्टम पर चलते हैं जो सड़क के ऊपर एक अलग ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाता है
  • यह तकनीक शहरी परिवहन में जमीन के कम उपयोग के साथ यात्रियों और माल ढुलाई के लिए नया विकल्प उपलब्ध कराती है

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने हवा में उड़ने वाली बस चलाने की बात कही है. उन्होंने एक खास टेक्नोलॉजी का विजन पेश किया है. वे पहले भी हवा में चलने वाली बस यानी 'स्काई बस' (Sky Bus) जैसी एडवांस ट्रांसपोर्ट टेक्नोलॉजी को भारत में लागू करने की इच्छा जता चुके हैं. शारजाह स्थित यू-स्काई टेस्ट एंड सर्टिफिकेशन सेंटर के दौरे के दौरान गडकरी ने इस तकनीक को करीब से देखा और इसकी टेस्ट राइड भी ली. आखिर ये टेक्नोलॉजी क्या है? आइए बताते हैं.

क्या है हवा में उड़ने वाली बस की टेक्नोलॉजी?

स्काई बस टेक्नोलॉजी में वाहन जमीन से ऊपर बने एलिवेटेड स्ट्रिंग रेल सिस्टम पर चलते हैं. इसमें ऑटोमेटेड इलेक्ट्रिक पॉड्स के जरिए यात्रियों और माल ढुलाई के लिए सड़क के ऊपर एक अलग ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर बनाया जाता है. इसका उद्देश्य कम जमीन का इस्तेमाल करते हुए शहरी परिवहन के लिए नया और प्रभावी विकल्प उपलब्ध कराना है. आसान शब्दों में कहें तो सड़क के नीचे नहीं, बल्कि सड़क के ऊपर एक नया रास्ता तैयार किया जाता है.

भारत के लिए कैसे फायदेमंद होगी ये टेक्नोलॉजी?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इस टेक्नोलॉजी को ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चुनौतियों के लिहाज से बेहद उपयोगी बताया. उन्होंने कहा कि यात्रियों और माल परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम भविष्य की टेक्नोलॉजी है. इससे लॉजिस्टिक लागत कम करने में मदद मिल सकती है. उन्होंने इस नई टेक्नोलॉजी और रिसर्च की तारीफ करते हुए कहा कि भारत जैसी बड़ी आबादी वाले देश के लिए यह एक उपयुक्त और किफायती तकनीक साबित हो सकती है. हालांकि उन्होंने सुरक्षा और लागत को भी सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल बताया.

इस टेक्नोलॉजी की मदद से शहरों के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने, सुपरफास्ट सफर और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की दिशा में बड़ा फायदा होगा. दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और नागपुर जैसी मेट्रो सिटी में इस तरह की टेक्नोलॉजी अहम भूमिका निभा सकती है.

नितिन गडकरी का कहना है कि उनका विजन केवल आज की सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले भारत के लिए नई ट्रांसपोर्ट संभावनाओं को तैयार करना है. जहां दुर्गम इलाकों में रोपवे नई राह बना रहे हैं, वहीं बढ़ते ट्रैफिक वाले शहरों में एलिवेटेड मोबिलिटी नए विकल्प दे सकती है. इसी सोच के तहत स्काई बस जैसी तकनीकों पर भी विचार किया जा रहा है.

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