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Income Tax Rules Changes: 1 अप्रैल से एक ही टैक्‍स ईयर, ITR की डेडलाइन, HRA पर सख्‍ती, गिफ्ट पर राहत! क्‍या-क्‍या बदलेगा?

Income Tax Rules Changes: टैक्‍सपेयर्स के लिए एक अप्रैल से काफी कुछ बदलने वाला है. नया इनकम टैक्‍स कानून कई बड़े बदलावों के साथ लागू हो रहा है. एक टैक्‍सपेयर्स के तौर पर आपके लिए कई सारे प्रावधान राहत भरे हैं.

Income Tax Rules Changes: 1 अप्रैल से एक ही टैक्‍स ईयर, ITR की डेडलाइन, HRA पर सख्‍ती, गिफ्ट पर राहत! क्‍या-क्‍या बदलेगा?
Income Tax Changes: 1 अप्रैल से बदल रहे हैं इनकम टैक्‍स संबंधित कई नियम

1 April Tax Rules Changes:  एक अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है और इसी के साथ देश में नया इनकम टैक्‍स कानून लागू हो जाएगा. जी हां, नया आयकर अधिनियम, 2025 लागू होने जा रहा है, जो करीब 60 साल पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा. इसमें नियमों, शब्दावली और टैक्स व्यवस्था में कई बदलाव किए गए हैं. देश में नए वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत के साथ ही देश के डायरेक्ट टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इनमें कई ऐसे बदलाव लागू हो रहे हैं, जिनका सीधा आपकी जेब पर असर होने वाला है. कई सारे नियमों को आसान और सुगम भी बनाया गया है. आइए 10 प्‍वाइंट में जानते हैं, 10 बदलावों के बारे में. 

  1. एक 'टैक्स ईयर' की शुरुआत: अब 'फाइनेंशियल ईयर' और 'असेसमेंट ईयर' के अलग-अलग झंझट को खत्म कर एक ही 'टैक्स ईयर' सिस्टम लागू किया गया है, ताकि टैक्स फाइलिंग में स्पष्टता रहे.
  2. ITR फाइलिंग की नई डेडलाइन: वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 31 जुलाई की सीमा बनी रहेगी, लेकिन सेल्फ-एम्प्लॉयड और प्रोफेशनल्स (बिना ऑडिट वाले) को अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा.
  3. डेरिवेटिव ट्रेडिंग हुई महंगी: फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है, जिससे अब ट्रेडिंग करना पहले के मुकाबले महंगा पड़ेगा.
  4. HRA नियमों में सख्ती और विस्तार: मकान मालिक का पैन (PAN) देना अब अनिवार्य होगा. साथ ही, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी अधिक HRA छूट वाले शहरों की सूची में शामिल किया गया है.
  5. कर्मचारियों को मिली राहत: मील (भोजन) के टैक्स बेनिफिट, टैक्स-फ्री गिफ्ट की सालाना सीमा और बच्चों की पढ़ाई व हॉस्टल खर्च पर मिलने वाली छूट में बढ़ोतरी की गई है.
  6. शेयर बायबैक और गोल्ड बॉन्ड: शेयर बायबैक पर अब डिविडेंड के बजाय कैपिटल गेन के रूप में टैक्स लगेगा. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट केवल उन्हीं को मिलेगी जो मूल इश्यू के समय खरीदे गए हों.
  7. ब्याज छूट पर रोक: अब डिविडेंड या म्यूचुअल फंड आय के लिए लिए गए कर्ज के ब्याज को टैक्स छूट के रूप में क्लेम नहीं किया जा सकेगा.
  8. TDS प्रक्रिया हुई आसान: अब एक ही घोषणा पत्र से कई आय स्रोतों पर TDS से बचा जा सकता है. इसके अलावा, NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS के लिए अब TAN की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ PAN काफी होगा.
  9. विदेश यात्रा और पढ़ाई सस्ती: विदेश यात्रा पर लगने वाले TCS को घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. साथ ही, विदेश में शिक्षा और इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर भी TCS कम किया गया है.
  10. रिटर्न सुधारने का अवसर: टैक्सपेयर्स अब 31 मार्च तक अपने रिटर्न में सुधार (रिवाइज) कर सकते हैं, हालांकि 31 दिसंबर के बाद इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना होगा.
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इसके अलावा, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए मुआवजे पर प्राप्त ब्याज को पूरी तरह से कर-मुक्त कर दिया गया है. वहीं, सरकार ने आकलन वर्ष 2026-27 के लिए आयकर रिटर्न फॉर्म (ITR-1 से ITR-7 तक) नोटिफाई कर दिए हैं, जिससे व्यक्तियों, पेंशनभोगियों और अन्य करदाताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने रिटर्न दाखिल करना शुरू करने में मदद मिलेगी.

जानकारों का कहना है कि अपडेट किए गए फॉर्म में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव शामिल हैं. उन्होंने बताया कि ITR-1 (सहज) फॉर्म में दो मकानों से होने वाली आय भी दिखाई जा सकती है, जबकि पहले यह सीमा एक मकान तक ही थी. इससे कई करदाताओं के लिए फाइलिंग प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है.

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