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होर्मुज में 33 दिनों से फंसे हैं भारत आने वाले 6 LPG टैंकर, वॉर जोन से निकालने जानिए क्या चल रही कवायद?

अब तक भारतीय ध्वज वाले 6 जहाज स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से होते भारतीय पोर्टों पर पहुँच चुके हैं. डीजी शिपिंग नियंत्रण कक्ष 24x7 चालू है और पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों और उनके परिवारजनों की तरफ से 144 कॉल और 290 ईमेल रिसीव किया गया.

होर्मुज में 33 दिनों से फंसे हैं भारत आने वाले 6 LPG टैंकर, वॉर जोन से निकालने जानिए क्या चल रही कवायद?
ईरान जंग के कारण होर्मुज स्ट्रेट के पास फंसे जहाज.
नई दिल्ली:

मध्य पूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के पश्चिम में 18 भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज पिछले 33 दिनों से फंसे हुए हैं, जिनपर करीब 485 भारतीय नाविक सवार हैं. ये सभी कार्गो जहाज 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में रुके हुए हैं. इनमें 3 बड़े LPG टैंकर भी शामिल हैं, जिन पर करीब 1.40 लाख मेट्रिक टन से ज्यादा LPG स्टॉक लोड किया हुआ है. 18 भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाजों के अलावा भारत के लिए LPG, Crude Oil और LNG stock लेकर निकले विदेशी ध्वज वाले 10 कार्गो जहाज भी फंसे हुए हैं.

विदेशी ध्वज वाले 10 कार्गो जहाज में से 3 कार्गो जहाज पर एलपीजी लोड किया हुआ है, 4 कार्गो जहाज पर कच्चे तेल का स्टॉक है जबकि 3 पर LNG लोड किया हुआ है. इन सभी टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकालने की राजनयिक कोशिशें लगातार जारी है. शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, सरकार की प्राथमिकता भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाजों को वहां से पहले निकालने की है.

बीते एक हफ्ते में LPG वाले 4 टैंकर होर्मुज पार कर पहुंचे भारत

पिछले एक हफ्ते में चार भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकाले जा चुके हैं. इनमें BW TYR, एलपीजी टैंकर के मंगलवार रात मुंबई पोर्ट पहुंचने की खबर है, जबकि BW ELM एलपीजी टैंकर गुरुवार को New Mangalore Port पर पहुंचेगा. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय ध्वज वाले कुल 6 LPG टैंकरों को वहां से निकाला जा चुका है.

पाइन गैस और जग वसंत, 92,612 टन एलपीजी लेकर 26 मार्च से 28 मार्च के बीच भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचे. इससे पहले, एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी, लगभग 92,712 टन एलपीजी लेकर 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह और 17 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचे थे.

डीजी शिपिंग जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और इस क्षेत्र में भारतीय मिशनों के साथ समन्वय बनाकर सक्रिय रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं.

जंग के कारण भारत आने वाला कच्चा तेल और एलपीजी बीच रास्ते में फंसा

मध्यपूर्व एशिया में 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए भारत पहुंचने वाला करीब 45% कच्चा तेल और 90% LPG स्टॉक की सप्लाई बाधित हुई है. भारत अपनी जरूरत का 60% LPG स्टॉक आयात करता है, जिसका 90% मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने से पहले स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुजरता था.

सभी भारतीय नाविक सुरक्षित, हमारी सब पर नजरः सरकार

मंगलवार को शिपिंग मंत्रालय ने अपडेट जारी करते हुए कहा, "क्षेत्र के सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले जहाजों से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना नहीं मिली है. 485 भारतीय नाविकों के साथ 18 भारतीय ध्वज वाले जहाज पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में बने हुए हैं. पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय समुद्री व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करते हुए, पोत परिवहन गतिविधियों, बंदरगाह संचालन और भारतीय नाविकों की सुरक्षा की बारीकी से निगरानी कर रहा है."

अब तक 959 से अधिक भारतीय नाविक लौटे वापस

अब तक भारतीय ध्वज वाले 6 जहाज स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से होते भारतीय पोर्टों पर पहुँच चुके हैं. डीजी शिपिंग नियंत्रण कक्ष 24x7 चालू है और पिछले 24 घंटों में भारतीय नाविकों और उनके परिवारजनों की तरफ से 144 कॉल और 290 ईमेल रिसीव किया गया. अब तक 959 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस स्वदेश लाया गया है, जिनमें से 9 नाविक पिछले 24 घंटे में भारत वापस पहुंचे.

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