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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जारी किया ITR-3 फॉर्म, जानें किसे और कैसे भरना है ये फॉर्म

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ई फाइलिंग पोर्टल पर ITR-3 फॉर्म की ऑनलाइन फाइलिंग और एक्सेल यूटिलिटी सर्विस शुरू कर दी है.

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने जारी किया ITR-3 फॉर्म, जानें किसे और कैसे भरना है ये फॉर्म
टैक्स डिपार्टमेंट ने आईटीआर-3 फॉर्म को जारी कर दिया है.
NDTV File Photo

टैक्स फाइल करने वाले बिजनेसमेन के लिए बड़ा अपडेट आया है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर आईटीआर-3 फॉर्म को लाइव कर दिया है. यूजर्स को इसे भरने समस्या ना हो इसके लिए डिपार्टमेंट ने ऑनलाइन मोड के साथ एक्सेल यूटिलिटी की सुविधा भी शुरू कर दी है. मतलब ये कि अब यूजर्स बिना किसी देरी के अपना बिजनेस टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं. ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि ये ITR-3 फॉर्म क्या है? इसे किसे फाइल करना होगा और टैक्स डिपार्टमेंट ने इसके लिए क्या नियम बनाए हैं. 

किसे भरना जरूरी आईटीआर-3 फॉर्म?

टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, हर टैक्सपेयर्स को अपनी सोर्स ऑफ इनकम के अनुसार अलग-अलग आईटीआर फॉर्म भरने होते हैं. आईटीआर-3 खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जो किसी ना किसी रूप में बिजनेस या प्रोफेशन से जुड़े हैं. अगर आप इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स हैं या फिर एचयूएफ से जुड़े हैं और आपकी इनकम का सोर्स प्रॉफिट या गेंस ऑफ बिजनेस और प्रोफेशन है, तो आपके लिए ये आईटीआर-3 फॉर्म भरना जरूरी है.

मान लीजिए, आप एक किराना की दुकान चलाते हैं, फ्रीलांसर हैं, डॉक्टर या वकील के तौर पर प्रैक्टिस करते हैं, या किसी कंपनी में पार्टनर हैं और आपको वहां से प्रॉफिट मिलता है, तो ये आईटीआर-3 फॉर्म आपको भरना होगा. 

ITR-3 फाइल करने के तरीके

टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट (www.incometax.gov.in) पर जाकर इस फॉर्म को ऑनलाइन भर सकते हैं. एक बात ध्यान रखिए कि भरने के बाद इसका वेरिफिकेशन करना भी जरूरी है. अगर ऐसे नहीं किया तो रिटर्न पूरा नहीं माना जाएगा. 

वेरिफिकेशन तीन तरीके से किया जा सकता है. पहला ये कि अगर आपके अकाउंट्स का ऑडिट हुआ है तो डिजिटल सिग्रेचर के लिए जरिए ही रिटर्न को वेरिफाई करना होगा. दूसरा तरीका रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के जरिए प्रोसेस पूरा कर सकते हैं. तीसरा तरीका इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड से जुड़ा है. यानी नेट बैंकिंग या बैंक अकाउंट के जरिए जनरेट हुए कोड से रिटर्न वेरिफाई करा सकते हैं. 

डेडलाइन को लेकर डिपार्टमेंट के नियम

वैसे तो असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नॉर्मल सैलरीड और नॉन ऑडिट वाले बिजनेस टैक्स पेयर्स के लिए आईटीआर भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है. लेकिन जिन कारोबारियों या प्रोफेशनल्स का एक साल टर्नओवर  1 करोड़ रुपये से ज्यादा है तो उनके खातों का टैक्स ऑडिट होना जरूरी है. ऐसे टैक्स पेयर्स को आईटीआर दाखिल करने की तय सीमा से कम से कम एक महीना पहले अपनी ऑडिट रिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में पॉर्टल पर जमा करना होगा, ऐसा ना होने पर पेनल्टी या नोटिस डिपार्टमेंट की तरफ से मिल सकता है. 

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शुभम उपाध्याय
shubham.upadhyay@ndtv.com
साल 2018 से पत्रकारिता जारी है. इंडिया टुडे ग्रुप (बिज तक), न्यूज नेशन, न्यूज 24 और अमर उजाला के बाद सफर एनडीटीवी आ पहुंचा है. यहां बतौर प्रोड्यूसर का... और पढ़ें
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