टैक्सपेयर्स के लिए जुलाई का महीना साल का सबसे बिजी महीना होता है. साल 2026 का जुलाई महीना भी आपके लिए कई बड़ी टैक्स डेडलाइंस लेकर आया है. अगर आप एक नौकरीपेशा में हैं, पेंशनहोल्डर्स हैं, या फिर आपका कोई बिजनेस नहीं है, तो आपके लिए उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है. इस महीने की सबसे बड़ी तारीख 31 जुलाई 2026 है, जो इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का आखिरी दिन है. लेकिन केवल आईटीआर ही नहीं, बल्कि जुलाई में टीडीएस पेमेंट से लेकर दूसरे कई अहम फॉर्म जमा करने की भी आखिरी तारीखें हैं. इस खबर में समझते हैं कि आपको इस महीने कौन से काम हर हाल में पूरे कर लेने हैं.
7 जुलाई 2026
- महीने की 7 जुलाई तारीख उन लोगों के लिए है, जो टीडीएस भरते हैं. दरअसल जून 2026 में काटे TDS को सरकारी अकाउंट में जमा करने की आखिरी डेट 7 जुलाई है.
- इसके अलावा जिन असेसिंग ऑफिसर्स ने टैक्सपेयर्स को तिमाही बेस पर टीडीएस जमा करने की मंजूरी दी है, उनके लिए अप्रैल-जून 2026 तिमाही का टैक्स जमा करने की लास्ट डेट भी यही है.
- साथ ही जून महीने में खरीदारों से मिले फॉर्म 127 के डिक्लेरेशन और जून तिमाही में मिले फॉर्म 121 के डिक्लेरेशन को अपलोड करने की आखिरी डेट भी 7 जुलाई है.
30 जुलाई 2026
अगर आपने जून 2026 में किसी स्पेशल ट्रांजैक्शन पर टीडीएस काटा है, तो फॉर्म 141 में चालान कम स्टेटमेंट भरने के लिए 30 जुलाई 2026 तक का समय दिया है. इसे भूलना बड़ी गलती सबित हो सकती है.
31 जुलाई 2026
ये डेट सैलरी पाने वाले, पेंशनहोल्डर्स या बिना बिजनेस वाले टैक्सपेयर्स के लिए है. इन करदाताओं को ITR-1 या ITR-2 फॉर्म के जरिए अपना टैक्स रिटर्न 31 जुलाई 2026 तक जमा करना होगा. यहां एक बात ध्यान रखने वाली है कि नॉन-ऑडिट बिजनेस और फ्रीलांसरों के लिए ये तारीख 31 अगस्त 2026 है.
डेडलाइन मिस की... तो क्या होगा?
अगर आप 31 जुलाई तक अपना आईटीआर फाइल नहीं करते हैं, तो लेट फीस आप पर लगेगी. 5 लाख रुपये से ज्यादा इनकम होने पर 5,000 रुपये और 5 लाख से कम इनकम होने पर 1,000 रुपये की लेट फीस लगेगी. साथ ही बकाया टैक्स पर सेक्शन 234A के जरिए 1% हर महीने से ब्याज देना होगा. इसके अलावा लेट फाइलिंग करने पर आप पुरानी टैक्स रिजीम का ऑप्शन नहीं चुन पाएंगे, इसलिए आपको न्यू टैक्स रिजीम के हिसाब से टैक्स देना होगा.
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