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भारत का कितना बढ़ा विदेशी मुद्रा और गोल्ड रिजर्व, RBI ने जारी किया आंकड़ा

RBI ने विदेशी मुद्रा और गोल्ड रिजर्व को लेकर 10 जुलाई को आंकड़ा जारी किया है. जिसमें दोनों में बढ़ोतरी बताई गई है. हालांकि फोरेक्स भंडार उच्च रिकॉर्ड स्तर से अब भी नीचे है.

भारत का कितना बढ़ा विदेशी मुद्रा और गोल्ड रिजर्व, RBI ने जारी किया आंकड़ा
भारत का विदेशी मुद्रा और सोना भंडार कितना बढ़ा

भारत में विदेश मुद्रा भंडार यानी फोरेक्स रिजर्व को लेकर नया आंकड़ा सामने आया है. इसके साथ ही गोल्ड रिजर्व की भी गणना सामने आई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विदेशी मुद्रा और गोल्ड रिजर्व को लेकर शुक्रवार (10 जुलाई) को आंकड़ा जारी किया है. RBI के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की फोरेक्स रिजर्व 3 जुलाई 2026 को खत्म हुए सप्ताह में 7.26 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार का आंकड़ा 674.193 अरब डॉलर पहुंच गया है. बताया जा रहा है कि पिछले सप्ताह आई गिरावट के बाद फोरेक्स रिजर्व में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

वहीं गोल्ड रिजर्व की बात करें तो रिपोर्टिंग वीक के दौरान भारत के सोने का भंडार (Gold Reserve) का मूल्य भी 2.669 अरब डॉलर बढ़कर 105.205 अरब डॉलर हो गया. 

फोरेक्स भंडार अब भी रिकॉर्ड स्तर से नीचे

आरबीआई की जानकारी के मुताबिक, अब IMF (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) के पास भारत के SDR में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह बढ़ोतरी 6.5 करोड़ डॉलर से बढ़कर 18.623 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. बता दें, इससे पहले 26 जून को खत्म हुए सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.65 अरब डॉलर घटकर 666.93 अरब डॉलर रह गया था.

हाल के सप्ताहों में विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन भारत का फॉरेक्स रिजर्व अब भी दुनिया के सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडारों में शामिल है. हालांकि, यह अभी भी 27 फरवरी को खत्म हुए सप्ताह में दर्ज 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे है.

FCNR-B जमा योजना से बैंकों के विदेशी फंड का प्रवाह बढ़ा

वहीं RBI की संशोधित फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट बैंक (FCNR-B) जमा योजना लागू होने के बाद बैंकों में विदेशों से आने वाले फंड का प्रवाह धीरे-धीरे बढ़ रहा है. बैंकिंग क्षेत्र को उम्मीद है कि इस महीने जागरूकता बढ़ने के साथ इसमें और तेजी आएगी. रिपोर्टों के अनुसार, अब तक बैंक FCNR-B जमा योजना के तहत करीब 3 से 4 अरब डॉलर जुटा चुके हैं. बैंक संचालकों का मानना है कि आने वाले हफ्तों में, खासकर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों (NRI) से निवेश में और तेजी देखने को मिलेगी.

बैंकिंग क्षेत्र के अनुमान के अनुसार, संशोधित FCNR-B योजना के जरिए समय के साथ 40 से 50 अरब डॉलर तक की नई जमा राशि आकर्षित की जा सकती है.

बैंक संचालकों का कहना है कि ज्यादा ब्याज दरें और बैंकों की हेजिंग लागत वहन करने का RBI का फैसला इस योजना में निवेश बढ़ाने में मदद करेगा. विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच इस योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बैंक विशेष अभियान चला रहे हैं. प्रमुख विदेशी बाजारों में NRI ग्राहकों से सक्रिय रूप से संपर्क किया जा रहा है, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें. बैंकिंग क्षेत्र को उम्मीद है कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासी इस योजना के तहत आने वाली नई जमा राशि में सबसे बड़ा योगदान देंगे.

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