New Tax Rules: अगर आप नौकरी पेशा वाले हैं और देश में टैक्स भरते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. सरकार के एक बड़े बदलाव से टैक्स के अमाउंट में बड़ा चेंज देखने को मिल सकता है. दरअसल चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस में सरकार ने बड़ा इजाफा किया है, जिसके इस्तेमाल से टैक्सपेयर्स अब अपने टैक्स देनदारी को कम कर सकते हैं. तो चलिए इस खबर में आपको बताते हैं कि ये अलाउंस है क्या, सरकार ने कितना इजाफा किया है, साथ ही नई और पुरानी रिजीम वालों पर इसका क्या असर देखने को मिल सकता है.
चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस (CEA) क्या है?
चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस सैलरी का एक हिस्सा है, जो कर्मचारी को बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए दिया जाता है. आमतौर पर इसमें स्कूल/कॉलेज फीस, किताबें, यूनिफॉर्म जैसे खर्च शामिल होते हैं. इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा 2 बच्चों के लिए ये सुविधा मिलती है. इनकम टैक्स एक्ट में इसे सेक्शन 10(14) के तहत छूट मिलती है.
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सरकार ने क्या बड़ा बदलाव किया?
1 अप्रैल 2026 यानी वित्त वर्ष 2026–27 से बच्चों की एजुकेशन और हॉस्टल अलाउंस की टैक्स एग्जेंप्शन में बड़ा इजाफा किया गया है. चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस पहले 100 रुपये प्रति महीने प्रति बच्चे के हिसाब से मिलता था जो अब 3,000 प्रति महीने प्रति बच्चे के हिसाब से मिलेगा. हालांकि पहले के जैसे अधिकतम 2 बच्चों की इसमें लिमिट है.
इसके अलावा होस्टल अलाउंस की बात करें तो पहले 300 रुपये प्रति महीने प्रति बच्चा के हिसाब से छूट ली जाती थी, जो अब 9 हजार रुपये प्रति माह प्रति बच्चा के हिसाब से मिलेगी. यहां भी अधिकतम 2 बच्चों के लिए इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं. यानी 2 बच्चों के लिए हर साल 2.88 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स से बाहर हो सकती है. बशर्ते आप पुराने टैक्स रिजीम में हों.
टैक्सपेयर्स को क्या फायदा होगा?
अगर आप 30% टैक्स स्लैब में हैं और 2 बच्चों के लिए चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस के साथ हॉस्टल अलाउंस का पूरा फायदा लेते हैं, तो सेस के साथ 80 हजार रुपये तक का सीधा टैक्स सेविंग पॉसिबल है. बढ़ती स्कूल और हॉस्टल फीस के समय ये बदलाव मिडिल और अपर-मिडिल क्लास परिवारों के लिए बड़ी राहत है.
पुराने टैक्स रिजीम vs नया टैक्स रिजीम
पुराना टैक्स रिजीम में चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस और हॉस्टल अलाउंस पर पूरी नई छूट ले सकते हैं. साथ ही सेक्शन 80C में ट्यूशन फीस, 80E में एजुकेशन लोन ब्याज जैसे डिडक्शन भी मिलते हैं. बच्चों की पढ़ाई के खर्च ज्यादा हैं तो पुराना रिजीम ज्यादा फायदेमंद हो सकती है.
दूसरी तरफ नए टैक्स रिजीम में चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस और हॉस्टल अलाउंस पर कोई छूट नहीं है. यानी पूरा पैसा टैक्सेबल है. इसमें कम टैक्स स्लैब की तो सुविधा है, पर ज्यादातर छूट और डिडक्शन नहीं है. इसलिए जिनके पास बच्चों की पढ़ाई जैसे बड़े खर्च नहीं हैं, उनके लिए नई रिजीम ठीक है.
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