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NSE-IGX पार्टनरशिप: अब शेयरों की तरह खरीद-बेच सकेंगे नैचुरल गैस, शुरू होने वाली है ट्रेडिंग, निवेशकों के लिए बड़ा मौका!

Natural Gas Futures Trading: अभी तक नैचुरल गैस की ट्रेडिंग अक्सर विदेशी फैक्टर्स पर निर्भर रहती थी, लेकिन अब NSE के ये नए कॉन्ट्रैक्ट्स IGX के बेंचमार्क इंडेक्स GIXI (Gas IndeX of India) पर चलेंगे.

NSE-IGX पार्टनरशिप: अब शेयरों की तरह खरीद-बेच सकेंगे नैचुरल गैस, शुरू होने वाली है ट्रेडिंग, निवेशकों के लिए बड़ा मौका!
NSE-IGX Partnership:
नई दिल्ली:

शेयर बाजार में निवेश कर मोटा पैसा कमाने वालों के लिए एक शानदार खबर है. अब आप सिर्फ दिग्गज कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि नैचुरल गैस (Natural Gas) में भी आसानी से ट्रेडिंग कर पाएंगे. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और इंडियन गैस एक्सचेंज (IGX) ने हाथ मिला लिया है. इस पार्टनरशिप के तहत भारत में पहली बार घरेलू कीमतों पर आधारित नैचुरल गैस डेरिवेटिव्स लॉन्च किए जाएंगे. 

आसान शब्दों में कहें तो, अब आपको गैस की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचने और मुनाफा कमाने का एक नया और भरोसेमंद ऑप्शन मिलने वाला है.

SEBI से मिली हरी झंडी, जल्द शुरू होगी ट्रेडिंग

NSE ने साफ किया है कि उसे मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) से इंडियन नैचुरल गैस फ्यूचर्स लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई है. फिलहाल इसकी लॉन्चिंग डेट का इंतजार है, जिसका ऐलान बहुत जल्द किया जाएगा. यह भारत के एनर्जी सेक्टर के लिए एक माइलस्टोन साबित होगा क्योंकि यह देश का पहला ऐसा डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट होगा जो पूरी तरह से भारतीय गैस बाजार की असली कीमतों (GIXI इंडेक्स) पर आधारित होगा.

क्या है GIXI और इससे आपको क्या फायदा होगा?

अभी तक नैचुरल गैस की ट्रेडिंग अक्सर विदेशी फैक्टर्स पर निर्भर रहती थी, लेकिन अब NSE के ये नए कॉन्ट्रैक्ट्स IGX के बेंचमार्क इंडेक्स GIXI (Gas IndeX of India) पर चलेंगे. इसका मतलब है कि कीमतें भारत के घरेलू मार्केट में होने वाले असली सौदों के आधार पर तय होंगी. इससे गैस की खरीद-बिक्री करने वाली कंपनियों, निवेशकों और ब्रोकर्स को सही कीमत का पता चलेगा और वे अपने रिस्क को बेहतर तरीके से मैनेज कर पाएंगे.

निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए क्यों है यह गुड न्यूज?

NSE के चीफ बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर श्रीराम कृष्णन का कहना है कि यह कदम भारत के गैस इकोसिस्टम को मजबूत करेगा. यह ट्रेडिंग पूरी तरह पारदर्शी होगी क्योंकि यह असली फिजिकल मार्केट से जुड़ी है.गैस का काम करने वाले कारोबारियों के लिए यह कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचने का बेहतरीन रिस्क मैनेजमेंट ऑप्शन बनेगा.इसके बाजार में लिक्विडिटी  और ट्रेडर्स बढ़ेंगे, जिससे निवेश करना और निकलना आसान होगा.

NSE की बड़ी स्ट्रैटेजी का हिस्सा

यह नई शुरुआत NSE की उस बड़ी योजना का हिस्सा है जिसमें वह कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) को और भी ज्यादा देसी और भरोसेमंद बनाना चाहता है. अब तक ट्रेडर्स को विदेशी बेंचमार्क पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब 'मेड इन इंडिया' बेंचमार्क के आने से घरेलू बाजार और भी ज्यादा कॉम्पटीटिव और ट्रांसपेरेंट बनेगा.

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