GST Collection June 2026: देश की अर्थव्यवस्था और टैक्स कलेक्शन के मोर्चे पर आज बुधवार को एक बेहद शानदार खबर आई है. जून के महीने में देश का GST कलेक्शन 13.9% यानी करीब 14 फीसदी की धमाकेदार बढ़त के साथ ₹1.95 लाख करोड़ पर पहुंच गया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के भीतर होने वाले व्यापार और विदेशों से होने वाले आयात (Import) दोनों में आई मजबूती की वजह से टैक्स कलेक्शन में यह बड़ा उछाल देखने को मिला है.
घरेलू बिजनेस और इंपोर्ट से हुई ताबड़तोड़ कमाई
इस बार जून के कलेक्शन में सबसे बड़ी छलांग विदेशों से आने वाले सामान यानी आयात से मिलने वाले टैक्स में देखी गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इंपोर्ट से मिलने होने रेवेन्यू 34.6 प्रतिशत बढ़कर ₹60,038 करोड़ पर पहुंच गया है.वहीं, देश के भीतर होने वाले घरेलू ट्रांजैक्शन से ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन 6.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग ₹1.35 लाख करोड़ रहा है.
रिफंड के बाद भी सरकार की जेब रही भारी
सरकार ने जून के महीने में व्यापारियों और कंपनियों का कुल रिफंड भी तेजी से निपटाया है, जो पिछले साल के मुकाबले 29.1 प्रतिशत बढ़कर ₹32,436 करोड़ रहा. राहत की बात यह है कि इस भारी-भरकम रिफंड को वापस लौटाने के बाद भी सरकार का नेट जीएसटी कलेक्शन जून में 11.2 प्रतिशत की शानदार ग्रोथ के साथ ₹1.62 लाख करोड़ से अधिक दर्ज किया गया है.
वहीं, अगर पूरे वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) की बात करें, तो कुल सकल जीएसटी कलेक्शन 8.4% की बढ़त के साथ ₹6,31,699 करोड़ पर पहुंच गया है.
इन 5 राज्यों से हुई सबसे ज्यादा कमाई
जून के महीने में देश के पांच राज्यों ने टैक्स चुकाने में सबसे बड़ी बाजी मारी है. जीएसटी कलेक्शन के मामले में टॉप पर रहने वाले राज्य इस प्रकार हैं..
- महाराष्ट्र: ₹9,924 करोड़ के साथ पहले नंबर पर है.
- गुजरात: ₹4,333 करोड़ का कलेक्शन दर्ज किया गया है.
- कर्नाटक: ₹4,118 करोड़ का जीएसटी कलेक्शन आया है.
- तमिलनाडु: ₹3,639 करोड़ का टैक्स कलेक्शन हुआ है.
- उत्तर प्रदेश: ₹3,249 करोड़ के साथ टॉप 5 में शामिल है.
आज ही के दिन लगा था जीएसटी, पूरे हुए 9 साल
टैक्स कलेक्शन का यह शानदार रिकॉर्ड ऐसे समय पर आया है, जब आज ही के दिन देश में जीएसटी लागू हुए पूरे 9 साल हो चुके हैं. आज से ठीक नौ वर्ष पहले 1 जुलाई 2017 को देश में इस न्यू टैक्स सिस्टम को लागू किया गया था. इसे आजादी के बाद का अब तक का सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म माना जाता है, जिसने वैट (VAT) और सेल्स टैक्स जैसे कई पुराने और उलझाऊ टैक्स को खत्म कर 'वन नेशन, वन टैक्स' का सपना पूरा किया और देश में बिजनेस करना बेहद आसान बना दिया.
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