फेस्टिव सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में आज जबदस्त देखी जा रही है. दोनों ही कीमती धातुओं के दाम 5,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गए हैं. घरेलू कमोडिटी मार्केट में सोने की कीमतें 1.13 फीसदी चढ़ गई हैं, जबकि चांदी के दाम 1.66 फीसदी बढ़ गए हैं. MCX पर सोना फिलहाल 1.51 लाख रुपये के भाव पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी 2.25 लाख रुपये के करीब ट्रेड करती दिखी.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेतों और निवेशकों की बढ़ती खरीदारी के चलते हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने और चांदी में मजबूती लौटी है. बाजार खुलते ही इनमें 1 फीसदी से ज्यादा तक की तेजी दर्ज की गई. अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों, डॉलर में नरमी और मिडिल ईस्ट तनावों ने कीमती धातुओं को समर्थन दिया है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना दो महीने के निचले स्तर से उबरकर फिर मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया. वहीं घरेलू वायदा बाजार और सर्राफा बाजार में भी इसका सीधा असर देखने को मिला.
5,400 रुपये से ज्यादा महंगे हुए सोना-चांदी
घरेलू कमोडिटी मार्केट MCX पर सोने-चांदी की कीमतें 5400 रुपये से ज्यादा चढ़ गई हैं. MCX पर दोपहर करीब एक बजे दोनों की कीमतों में काफी तेजी देखी गई.
4 दिसंबर 2026 की डिलीवरी वाला सोना 1,49,610 रुपये से बढ़कर 1,51,339 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा था. ये सोने के दाम में करीब 1.13 फीसदी या 1,729 रुपये की बढ़त दिखाता है.
वहीं दूसरी ओर चांदी में बढ़त और ज्यादा थी. दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 2,21,233 रुपये से चढ़कर 2,24,900 रुपये प्रति किलो के भाव पर ट्रेड कर रही थी. ये चांदी की कीमत में 1.66 फीसदी या 3,667 रुपये की बढ़ोतरी दिखा रहा है.

इंटरनेशनल मार्केट में क्या हैं सोने-चांदी के भाव?
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज कॉमेक्स पर सोने की कीमतों में करीब 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जिसके बाद यह लगभग 4,200 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया. इसी तरह चांदी भी मजबूत खरीदारी के दम पर 60 डॉलर प्रति औंस के ऊपर कारोबार करती दिखाई दी, जिसमें करीब 2 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.
सोने-चांदी पर एक्सपर्ट्स की राय
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर में नरमी और बॉन्ड यील्ड में कमी से सोने की सुरक्षित निवेश के रूप में मांग बढ़ी है. साथ ही निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगे की ब्याज दर नीति पर भी नजर बनाए हुए हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान, जिसमें उन्होंने नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर किसी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार किया, ने बाजारों को कुछ राहत दी है.
हालांकि मध्य पूर्व की स्थिति अभी भी निवेशकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. इसी वजह से सुरक्षित निवेश विकल्पों के रूप में सोने और चांदी की मांग बनी हुई है. दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता भी कीमतों को प्रभावित कर रही है.
दशहरा, धनतेरस, दिवाली में बढ़ेगी मांग
विश्लेषकों का मानना है कि दशहरा, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों के नजदीक आने के साथ सोने-चांदी की मांग और बढ़ सकती है. भारत में त्योहारों और शादी-विवाह के मौसम में आभूषणों की खरीदारी बढ़ने से कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है.
हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी ब्याज दरों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में इन्हीं कारकों के आधार पर सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
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