प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भले ही लोगों से गैर-जरूरी सोना खरीदने (Gold Buying) से बचने की अपील की हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोग गोल्ड में निवेश (Gold Investment) पूरी तरह बंद कर देंगे. आज के डिजिटल दौर में सोने में निवेश के कई ऐसे स्मार्ट ऑप्शन मौजूद हैं, जहां न चोरी का डर है, न मेकिंग चार्ज का झंझट और न ही फिजिकल गोल्ड की तरह संभालने की परेशानी. डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF और कमोडिटी ट्रेडिंग जैसे ऑप्शन अब तेजी से पॉपुलर हो रहे हैं. आज हम आपके गोल्ड इन्वेस्टमेंट के ऐसे ही कुछ बेस्ट तरीके के बारे में बताने जा रहे हैं...
क्यों बदल रहा है गोल्ड निवेश का तरीका?
भारत पेट्रोलियम, खाने के तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोना और चांदी के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है. ऐसे में ज्यादा गोल्ड इम्पोर्ट विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ाता है. यही वजह है कि सरकार और एक्सपर्ट अब लोगों को फिजिकल गोल्ड की बजाय स्मार्ट निवेश विकल्प अपनाने की सलाह दे रहे हैं.
Digital Gold क्या होता है?
डिजिटल गोल्डएक ऐसा तरीका है जिसमें आप मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए 1 रुपये से भी सोने में निवेश शुरू कर सकते हैं. जितना पैसा आप लगाते हैं, उतनी मात्रा का 24 कैरेट गोल्ड डिजिटल रूप में आपके नाम रिकॉर्ड हो जाता है. जरूरत पड़ने पर इसे ऑनलाइन बेच सकते हैं या फिजिकल डिलीवरी भी ले सकते हैं.हालांकि, इसमें 3% GST लगता है और सभी प्लेटफॉर्म रेगुलेटेड नहीं होते, इसलिए निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की पहचान जरूर जांचें.
Gold ETF क्यों बन रहा पसंदीदा ऑप्शन?
Gold ETF शेयर बाजार में ट्रेड होने वाला ऐसा निवेश विकल्प है, जो सीधे सोने की कीमतों से जुड़ा रहता है. इसमें न मेकिंग चार्ज होता है, न स्टोरेज की चिंता और न चोरी का डर.इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी लिक्विडिटी है. जरूरत पड़ने पर इसे शेयरों की तरह तुरंत खरीदा या बेचा जा सकता है. इसके लिए केवल डीमैट अकाउंट की जरूरत होती है.
कमोडिटी ट्रेडिंग से भी कमा सकते हैं फायदा
अगर आप ट्रेडिंग समझते हैं, तो Gold Futures और Gold Options में भी निवेश कर सकते हैं. इसमें फिजिकल गोल्ड खरीदने की जरूरत नहीं होती, बल्कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव से मुनाफा कमाने का मौका मिलता है.कम मार्जिन में बड़ी पोजिशन ली जा सकती है, लेकिन इसमें रिस्क भी ज्यादा होता है, इसलिए रिस्क मैनेजमेंट जरूरी है.
जिस तरह UPI ने डिजिटल पेमेंट को आसान बनाया, उसी तरह अब ऑनलाइन गोल्ड निवेश (Gold Investment) भी आम लोगों के लिए आसान होता जा रहा है. मोबाइल से कुछ क्लिक में निवेश, अच्छी लिक्विडिटी और सुरक्षित स्टोरेज जैसे फायदे इसे नई पीढ़ी के बीच लोकप्रिय बना रहे हैं.
निवेश से पहले जान लें ये जरूरी बातें
डिजिटल गोल्ड में मेकिंग चार्ज तो नहीं होता, लेकिन कंपनियां'खरीदने और बेचने' के रेट में 3% से 6% का अंतर रखती हैं. इसे 'स्प्रेड' कहा जाता है.यानी आप जिस रेट पर खरीदेंगे, उसे तुरंत उसी रेट पर नहीं बेच पाएंगे.
डिजिटल गोल्ड खरीदने पर आपको उसे घर में रखने या लॉकर का किराया देने की जरूरत नहीं होती
अगर आप कभी इस डिजिटल गोल्ड को फिजिकल गोल्ड (सिक्के या बार) में बदलना चाहें, तो आप ऐसा कर सकते हैं. हालांकि, उस वक्त आपको मेकिंग चार्जेस और डिलीवरी शुल्क देना होगा.
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