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Gold Investment: कैसे पाई-पाई जोड़कर कर सकते हैं सोने में निवेश, बेटे-बेटी की शादी तक बन जाएगा मोटा पैसा

सोने में निवेश के लिए जरूरी नहीं है कि आप भारी भरकम निवेश करें, इसे इतर डिजिटल गोल्ड, गोल्ड एसआईपी, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, गोल्ड ETF में पैसा लगाया जा सकता है.

Gold Investment: कैसे पाई-पाई जोड़कर कर सकते हैं सोने में निवेश, बेटे-बेटी की शादी तक बन जाएगा मोटा पैसा

Gold Investment: आज के समय में सोना सिर्फ एक गहना नहीं, बल्कि कह सकते हैं मिडिल क्लास परिवार का सबसे भरोसेमंद संकटमोचक है. पर आसमान छूते सोने के भाव देखकर अक्सर लोग सोचते हैं कि एक साथ सोना खरीदना तो बजट के बाहर है. सच तो यह है कि आपको एक साथ लाखों खर्च करने की जरूरत ही नहीं है. अगर आप पाई-पाई जोड़ने के प्लान पर काम करते हैं तो बच्चों की शादी की उम्र आने तक आप बिना किसी फाइनेंशियल बोझ के भारी-भरकम सोना जमा कर सकते हैं. आइए जानते हैं वो तरीके जो आपकी जेब पर भारी नहीं पड़ेंगे. 

डिजिटल गोल्ड

गुल्लक में पैसे जमा करने की अहमियत क्या है, इसके बारे में हमारे बड़े-बुजुर्ग हमेशा से बताते आए हैं. ऐसे में अगर आप गुल्लक में पैसे जमा करने की आदत रखते हैं, तो पेटीएम, फोनपे या सेफगोल्ड जैसे प्लेटफॉर्म आपके लिए बेस्ट हैं. यहां आप सिर्फ 1 रुपये में भी सोना खरीद सकते हैं. यानी अगर आपने आज 100 रुपये का सोना खरीदा, तो वह आपके डिजिटल वॉल्ट में सुरक्षित जमा हो जाता है.

सवाल यह कि इसका फायदा क्या है, देखिए बाजार के हिसाब से आपके खरीदे सोने की कीमत तो बढ़ती ही है, साथ में आपको सोने की शुद्धता या लॉकर की चिंता नहीं करनी पड़ती. जब आपके पास अच्छी खासी मात्रा में सोना जमा हो जाए, तो आप इसे फिजिकल कॉइन में बदल सकते हैं या कैश करा सकते हैं.

सुनार के पास जाकर भारी मेकिंग चार्ज देकर गहने बनवाने के बजाय पहले डिजिटल गोल्ड या SGB में निवेश करें. जब बच्चों की शादी का समय पास आ आए, तब उस जमा अमाउंट या बॉन्ड को भुनाकर सीधे लेटेस्ट डिजाइन की ज्वेलरी खरीदें. इससे आप सालों तक लगने वाले लॉकर चार्ज और पुराने डिजाइन के नुकसान से बच जाएंगे.

गोल्ड एसआईपी

जैसे आप म्यूचुअल फंड में SIP करते हैं, वैसे ही आप सोने में भी मंथली निवेश कर सकते हैं. इसमें हर महीने की एक निश्चित तारीख को आपकी पसंद के अमाउंट जैसे 500 या 1000 रुपये का सोना खरीदा जाता है. इसमें रुपया कॉस्ट एवरेजिंग की बात लागू होती है. यानी जब भाव कम होंगे, आपको ज्यादा सोना मिलेगा, जब भाव ज्यादा होंगे, तो थोड़ा कम. लंबी अवधि में आपकी खरीद की कीमत एवरेज हो जाती है, जो मुनाफे का सौदा है.

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

अगर आप बच्चों की शादी के लिए 8 से 10 साल का टारगेट लेकर चल रहे हैं, तो सरकारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से बेहतर कुछ नहीं है. इसमें सोने की बढ़ती कीमतों का फायदा तो मिलता ही है, साथ ही सरकार आपको सालाना 2.5% का फिक्स्ड ब्याज भी देती है. बड़ी बात यह है कि इसमें टैक्स की बड़ी बचत भी होती है. मतलब मैच्योरिटी पर मिलने वाला प्रॉफिट पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है.

गोल्ड ETF

अगर आप थोड़ा भी शेयर बाजार की समझ रखते हैं, तो गोल्ड ETF एक स्मार्ट तरीका है. निवेश की बात करें तो इसमें आप सोने की यूनिट्स खरीदते हैं. अच्छी बात यह है कि इसमें यूनिट्स को बेचना और खरीदना उतना ही आसान है जितना मोबाइल रिचार्ज करना.

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