Electric Car Sales 2026: ईरान, अमेरिका-इजरायल के बीच 28 फरवरी को जंग छिड़ी. तभी से लगातार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. वैश्विक स्तर पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई हैं, सप्लाई चेन ठप है, नतीजन ग्लोबल कार इंडस्ट्री का स्वरूप साल 2026 में बदलने वाला है. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने अपनी सालाना ग्लोबल ईवी आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री साल 2026 में बढ़कर 2 करोड़ 30 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है, जो दुनियाभर में बिकने वाली सभी कारों का लगभग 30% हिस्सा होगी.
ईवी मार्केट में आया बड़ा बदलाव
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के डायरेक्टर फातिह बिरोल ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा, "इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता कार बाजारों और वैश्विक ऊर्जा व्यवस्था के लिए एक बड़ा बदलाव लाया है. ये इतिहास के सबसे बड़े तेल आपूर्ति संकट के बीच मदद कर रहा है."
इस साल रिकॉर्ड ईवी की हुई सेल
रिपोर्ट में दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से जुडी नीतियों और ग्लोबल कार मार्केट्स में नए ट्रेंड्स के साथ-साथ इसके बिजली, तेल पर पड़ने वाले असर के बारे में बताया है. पिछले साल वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 20% का इजाफा हुआ था और करीब 2 करोड़ इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री हुई थी. यानी दुनियाभर में बिकने वाली सभी तरह की नई कारों में एक चौथाई इलेक्ट्रिक कारें थीं.
इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 40 देशों में बिकने वाली नई कारों में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 10% या उससे ज्यादा रिकॉर्ड की गई. जहां तक इलेक्ट्रिक गाड़ियों के प्रोडक्शन का सवाल है, विश्व स्तर पर बिकने वाली इलेक्ट्रिक कारों में चीन के ऑटोमोबाइल निर्माताओं की हिस्सेदारी 60% थी, जबकि यूरोपीय और उत्तरी अमेरिका के ऑटोमोबाइल निर्माताओं का वैश्विक बिक्री में योगदान लगभग 15% था.
साल 2035 तक वैश्विक स्तर पर ईवी की संख्या होगी 51 करोड़
रिपोर्ट में दावा किया गया कि दुनिया के बड़े बाजारों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स कॉस्ट के मामले में भी दूसरे वाहनों को टक्कर दे रही हैं, जिससे इनकी मांग और बढ़ सकती है. खासकर उन ग्राहकों में जो मिडिल ईस्ट संकट के दौरान तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर परेशान हैं. इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने बताया कि साल 2035 तक वैश्विक स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या आज के लगभग 8 करोड़ से बढ़कर 51 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. हालांकि इसमें टू व्हीलर्स और थ्री व्हीलर्स के नंबर शामिल नहीं है.
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