Economic Survey 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूती का लोहा एक बार फिर मनवाया है. गुरुवार को संसद में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार भारत ना केवल दुनिया का सबसे बड़ा रेमिटेंस हासिल करने वाला देश बना हुआ है, बल्कि विदेशी मुद्रा भंडार भी ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है.
वित्त वर्ष 2025 में भारत को टोटल 135.4 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला. सर्वे की सबसे बड़ी बात यह रही कि अब भारत आने वाले पैसे में विकसित देशों की हिस्सेदारी बढ़ रही है. इस बात से पता चलता है कि विदेशों में भारतीय स्किल और प्रोफेशनल वर्कर्स की मांग और कमाई दोनों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है.
विदेशी मुद्रा भंडार ने तोड़ा रिकॉर्ड
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 16 जनवरी तक 701.4 अरब डॉलर के लेवल को टच कर गया. इस भंडार के जरिए देश लगभग 11 महीनों के आयात को कवर कर सकता है. साथ ही यह देश के कुल बकाया विदेशी कर्ज के 94% हिस्से के बराबर है. जैसा आप जानते हैं कि विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी वैश्विक आर्थिक समस्या से निपटने के लिए एक लिक्विडिटी बफर देता है.
वियतनाम और इंडोनेशिया हुए पीछे
इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार दक्षिण एशिया में भारत के अंदर FDI जबरदस्त तरीके से आया है. देश ने निवेश के मामले में इंडोनेशिया और वियतनाम को भी पीछे छोड़ दिया. ग्रीनफील्ड निवेश की बात करें तो साल 2024 में 1 हजार से ज्यादा नई परियोजनाओं के साथ भारत दुनिया में चौथे स्थान पर रहा. वहीं डिजिटल निवेश के लिए साल 2020-24 के बीच भारत में 114 अरब डॉलर का सबसे ज्यादा डिजिटल निवेश आया.
भविष्य का ब्लूप्रिंट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की पेश रिपोर्ट में बताया गया कि एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट को कम करना होगा. इनोवेशन, प्रोडक्टिविटी के साथ देश की करेंसी और अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है.
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