UP Economic Survey 2026: उत्तर प्रदेश अब सिर्फ खेती और किसानी का स्टेट नहीं रहा है, बल्कि यह भारत का नया ग्रोथ इंजन बनने की ओर तेजी से अग्रसर है. यूपी इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के मामले में नए कीर्तिमान बना रहा है. चाहे बात राज्य की जीडीपी की हो या प्रतिव्यक्ति आय की, या फिर इंफ्रा को बेहतर बनाने के लिए पूंजीगत खर्चों की, हर जगह राज्य आगे रहा है.
यूपी इकोनॉमिक सर्वे से पता चलता है कि पिछले 8 सालों में रजिस्टर्ड कारखानों की संख्या दोगुनी हुई है. बजट लगातार बढ़ता जा रहा है. आइए आपको यूपी के विकास की बढ़ती रफ्तार के बारे में विस्तृत जानकारी देते हैं.

UP Economic Survey
1. राज्य की जीडीपी ने किया कमाल
साल 2017-18 में जहां यूपी की जीडीपी 14.76 लाख करोड़ थी, वह 2024-25 में बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपये हो गई. सीएजीआर यानी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर की बात करें तो यह 10.8 फीसदी रहा है. सीएजीआर उतार-चढ़ाव को कम करके निवेश की वास्तविक विकास दर दिखाता है. इससे पता चल रहा है कि प्रोडक्शन और इनोवेशन के मामले में यूपी शानदार काम कर रहा है.

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2. प्रति व्यक्ति इनकम हुई डबल
उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है. साल 2017-18 में जहां ये 66854 रुपये थी, जो साल 2024-25 में 1,26,304 रुपये हो गई. आंकड़ों से पता चल रहा है कि इसमें दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. यानी राज्य में नौकरियों के अवसर खूब पैदा हुए हैं, जिसा फायदा आम नागरिक को हो रहा है.

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3. कैपेक्स पर जबरदस्त खर्चा
किसी देश या राज्य की तरक्की तब ही होती है, जब सरकार उस देश या राज्य में ज्यादा से ज्यादा दीर्घकालिक निवेश पर काम करे. कैपेक्स यानी पूंजीगत व्यय, जो लंबे समय तक आपको पैसा बनाकर देते हैं, यूपी में इस पर जोर दिया जा रहा है. साल 2017-18 में 39.09 हजार करोड़ कैपेक्स पर खर्च होते थे, जो साल 2025-26 में 165.24 हजार करोड़ रुपये होने की उम्मीद है. वहीं, 2024-25 में यह खर्चे 147.72 हजार करोड़ रुपये थे.

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4. 8 सालों में रजिस्टर्ड कारखानों की संख्या दोगुनी
यूपी में तेजी से रजिस्टर्ड कारखानों की संख्या बढ़ी है. 2016-17 में जहां 14,169 कारखाने थे, वहीं अब 2025-26 में इनकी संख्या 30,317 होने की उम्मीद है. साल 2024-25 में 27,351 कारखाने यूपी में संचालित थे. नए कारखाने खुले हैं तो रोजगार और कमाई के नए जरिये यूपी की जनता को मिले हैं.

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5. यूपी के बजट ने किया कमाल
उत्तर प्रदेश के बजट में लगातार इजाफा हुआ है. साल 2008 में जहां यह 1.06 लाख करोड़ रुपये था, जो 2026-17 में 2.28 लाख करोड़ बढ़कर 3.33 लाख करोड़ रुपये हो गया. यानी दोगुने से ज्यादा बढ़ोतरी बजट में हुई. इतना ही नहीं 2025-26 में बजट 4.87 लाख करोड़ बढ़कर 8.09 लाख करोड़ रहने की उम्मीद है, जिससे राज्य के इंफ्रा, मेडिकल व्यवस्था पर जमकर काम होगा.

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6. टोटल टैक्स रेवेन्यू में बढ़ी भागीदारी
उत्तर प्रदेश ने देश के टैक्स कलेक्शन में अपनी भागीदारी बढ़ाई है. साल 2017-18 में जहां कुल कर राजस्व में यूपी का हिस्सा 44.6 फीसदी था, जो 2025-26 में बढ़कर 53.6 फीसदी होने की उम्मीद है. वहीं केंद्र का योगदान 46.4 रह सकता है.

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7. 9 सालों में डबल हुआ जीएसटी कलेक्शन
जीएसटी कलेक्शन में उत्तर प्रदेश ने कमाल की ग्रोथ दिखाई है. 2017-18 में 0.59 लाख करोड़ जीएसटी सरकारी खजाने में आया था, जो 2024-25 में 1.15 लाख करोड़ रुपये हो गया. आंकड़ों से साफ है कि पिछले 9 सालों में जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी दोगुनी से ज्यादा रही है.
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