Disney layoffs 2026: कई बड़ी कंपनियां इस समय अपने खर्चों को लेकर कई समस्याओं का सामना कर रही हैं. एआई में बड़े निवेश, मुनाफे में कमी के चलते कॉस्ट कटिंग की खबरें आम हो चलीं हैं. बीते हफ्ते अमेरिकी टेक कंपनी ओरेकल की छंटनी की खबरें शांत नहीं हुईं थीं, इसी बीच दिग्गज कंपनी द वॉल्ट डिजनी कंपनी बड़े पैमाने पर छंटनी करने जा रही है. कंपनी करीब 1 हजार लोगों को नौकरी से निकालने की तैयारी में है. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार ये छंटनी आने वाले कुछ हफ्तों में दिखाई दे सकती है. आपको बता दें कि हाल ही में कंपनी की कमान नए सीईओ जोश डी अमारो ने संभाली थी.
क्यों हो रही छंटनी?
डिजनी पिछले कुछ सालों से अपनी बढ़ती कॉस्ट और कम मुनाफे की समस्या से घिरी हुई है. हालांकि जोश डी अमारो ने हाल ही में सीईओ बने हैं लेकिन रिपोर्ट्स हैं कि इस छंटनी की प्लानिंग उनके सीईओ बनने से पहले ही तैयार कर ली गई थी. कंपनी का मानना है कि उन डिपार्टमेंट में खर्चे कम किए जाएंगे, जहां से लगातार मुनाफा कम हो रहा है.
किस डिपार्टमेंट पर गिरेगी गाज?
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार इस छंटनी का सबसे गहरा असर डिजनी के मार्केटिंग डिपार्टमेंट पर पड़ेगा. पिछले कुछ समय पहले कंपनी ने अपने अलग-अलग मार्केटिंग ऑपरेशंस को एक साथ मिला दिया था, जिससे कई जगह खाली हो गईं थीं, जिन्हें अब पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. मार्केटिंग के अलावा एंटरटेनमेंट, ईएसपीएन और कॉर्पोरेट ऑपरेशंस में भी छंटनी की आशंका है.
पुराना सिलसिला
डिजनी में छंटनी का ये दौर नया नहीं है. साल 2022 में जब बॉब आइगर ने दोबारा सीईओ के रूप में वापसी की थी तब से अब तक कंपनी करीब 8 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल चुकी है. 2025 के वित्तीय वर्ष के आखिर तक डिजनी के पास टोटल 2,31,000 कर्मचारी थे. बड़ी बात ये है कि कंपनी के कुल वर्कफोर्स का करीब 80% हिस्सा इसके थीम पार्क्स और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में काम करता है.
थीम पार्क्स और क्रूज लाइन सेफ
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार जहां एक तरफ मार्केटिंग और कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर डिजनी के थीम पार्क्स और क्रूज लाइन बिजनेस में अच्छी ग्रोथ दिखी है. कंपनी का ये डिपार्टमेंट अभी के समय सबसे ज्यादा पैसा कमा रहा है. इसलिए यहां छंटनी की आशंका ना के बराबर है.
इस खबर ने डिजनी के कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है. एक्सपर्ट का कहना है कि डिजनी जैसी बड़ी कंपनी का ये कदम दूसरे मीडिया और टेक कंपनियों को भी कॉस्ट कटिंग के कड़े फैसले लेने को मजबूर कर सकता है. ग्लोबल टेंशन, ऐड रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव के बीच कंपनियां खर्चों को कम करने में लगी हुई हैं, जिसका नतीजा कर्मचारी अपनी नौकरी के रूप में चुका रहे हैं.
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