Greater Southern Peripheral Road: दिल्ली-NCR में एक और शानदार सड़क परियोजना शुरू हो रही है. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) का ये प्रोजेक्ट है- ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड. इसे आप Greater SPR के तौर पर भी जानते हैं. परियोजना तो पुरानी है, लेकिन इसके लिए 14 गांवों की 670 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया अब जाकर तेज हुई है. इसमें किसानों को उनकी 1 एकड़ जमीने के बदले 11 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं. इस प्रोजेक्ट से NCR की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा. गुरुग्राम, मानेसर समेत आसपास के बड़े इलाके को इसका फायदा मिलने वाला है. यही नहीं, दिल्ली-जयपुर हाईवे से भी ये सड़क जुड़ेगी.
जानकारों का कहना है कि ये सड़क, गुरुग्राम और मानेसर ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके की तस्वीर बदल देगी. JMS ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह ने NDTV से बातचीत में बताया कि इस प्रोजेक्ट से पूरे बेल्ट में शहरी विकास को खूब बढ़ावा मिलेगा. इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल, दोनों क्षेत्रों की संभावनाएं बढ़ेंगी.
वहीं, व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर स्ट्रेटजी सुदीप भट्ट ने इसे महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर बताते हुए कहा कि बेहतर रोड कनेक्टिविटी से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि नए निवेश को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
हजारों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
गुरुग्राम 'दिल्ली-NCR' का एक महत्वपूर्ण शहर है, जो लगातार तेजी से विकसित होता जा रहा है. नए-नए सेक्टर, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, नई-नई मल्टीनेशनल कंपनियों के आने और इंडस्ट्रियल एरिया बढ़ने से मौजूदा सड़कों पर दबाव भी बढ़ा है.
ऐसे में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर ग्रेटर SPR को डेवलप किया जा रहा है. जानकारों के मुताबिक,
- इस सड़क के बनने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी.
- इससे गुरुग्राम और मानेसर के बीच का सफर आसान होगा.
- इन इलाकों में लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी.
- दिल्ली-जयपुर हाईवे और अन्य प्रमुख सड़कों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी.
- रियल एस्टेट, इंडिस्ट्रयल और कमर्शियल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
ग्रेटर-SPR के लिए दो चरणों में होगा जमीन अधिग्रहण
इस परियोजना में जमीन अधिग्रहण के लिए व्यवहारिक तौर पर काम शुरू हो चुका है, जो कि दो चरणों में पूरा होगा. कुल मिलाकर 14 गांवों की 670 एकड़ भूमि इस परियोजना के दायरे में आएगी. मिली जानकारी के अनुसार,
- पहले चरण में बहरामपुर, मैदावास, उल्लावास, कादरपुर, धुमसपुर और बादशाहपुर समेत अन्य गांवों की करीब 276 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा.
- इसके बाद दूसरे चरण में मानेसर, अकलीमपुर, शिकोहपुर, टीकली, सकतपुर, नौरंगपुर, बार गुर्जर और नैनवाल सहित अन्य गांवों की लगभग 394 एकड़ जमीन ली जाएगी.

किसानों 11 करोड़ रुपये तक का मुआवजा
जमीन अधिग्रहण में जिन किसानों और जमीन मालिकों की जमीन आएगी, उन्हें मुआवजे में बहुत बड़ी राशि मिलेगी. कई इलाकों के किसान मालामाल हो सकते हैं. जानकारों का अनुमान है कि जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पर करीब 6,000 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं. कुछ इलाकों में मुआवजा 6 से 8 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक हो सकता है, जबकि प्रीमियम लोकेशन वाले इलाकों में ये राशि 11 करोड़ रुपये/एकड़ तक जा सकती है. यानी कि जिस किसान की 5 से 8 एकड़ जमीन भी ली जाएगी, उसे 55 से 88 करोड़ रुपये तक मिल सकते हैं. खास तौर से शिकोहपुर और आसपास के क्षेत्रों की जमीन के लिए सबसे ज्यादा मुआवजा मिलने की संभावना जताई जा रही है.

पुष्पेंद्र सिंह
रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा बूस्ट
ग्रेटर SPR परियोजना का सबसे बड़ा फायदा रियल एस्टेट सेक्टर को मिलेगा. नई सड़क बनने के बाद आसपास के इलाकों में जमीन और संपत्तियों की मांग बढ़ सकती है. इससे नए प्रोजेक्ट्स को भी गति मिलेगी.
ग्रेटर SPR के लिए जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे गुरुग्राम की कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट मिलेगा.

सुदीप भट्ट
जैसा कि आप लंबे समय से इस प्रोजेक्ट के बारे में सुनते आ रहे हैं, ग्रेटर SPR परियोजना कोई नई योजना नहीं है. इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया साल 2013 में शुरू हुई थी, लेकिन तमाम तरह के कानूनी विवादों के चलते काम आगे नहीं बढ़ पाया था. अब अड़चनें दूर होने के बाद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने काम को तेज किया है.
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