पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते संकट और युद्ध के कारण गैस सप्लाई प्रभावित होने के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस के दाम ढाई गुना तक बढ़ गए हैं. ऐसे में CNG और PNG के महंगे होने की संभावना बढ़ी हुई है. इस बीच अदाणी ग्रुप की कंपनी ATGL यानी अदाणी टोटल गैस लिमिटेड ने भी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सीमित मात्रा से ज्यादा इस्तेमाल के लिए दरें बढ़ा दी हैं, लेकिन राहत की बात ये है कि आम घरेलू उपभोक्ताओं के बजट पर इसका असर नहीं पड़ने वाला. कंपनी ने आम जनता को राहत देते हुए CNG और घरों में इस्तेमाल होने वाली पाइप वाली रसोई गैस (PNG) की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है.
आम जनता को बड़ी राहत
ATGL की कुल गैस का लगभग 70% हिस्सा घरेलू स्रोतों से आता है, जो गाड़ियों (CNG) और घरों की रसोइयों (PNG) में सप्लाई होता है. कंपनी के मुताबिक, इन ग्राहकों के लिए कीमतें नहीं बदलेंगी. यानी कि आपकी कार और रसोई के खर्च में बढ़ोतरी नहीं होगी. ये आम लोगों के लिए राहत की बात है.
कंपनी बाकी 30% गैस बाहर से आयात (Import) करती है, जिसे कमर्शियल और औद्योगिक (Industrial) ग्राहकों को दिया जाता है. संघर्ष के चलते समुद्री रास्तों (होर्मुज जलडमरूमध्य) से जहाजों की आवाजाही रुकने से विदेशी गैस की सप्लाई में दिक्कत आई है.
40% तक सस्ता, उससे ज्यादा लेने पर महंगा
कंपनी ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सप्लाई पर सीमा तय की है. औद्योगिक ग्राहकों से कहा गया है कि वे अपनी जरूरत का केवल 40% ही इस्तेमाल करें. 40% तक की गैस उन्हें पुरानी तय दरों (लगभग ₹40 प्रति यूनिट) पर ही मिलेगी, जबकि अतिरिक्त इस्तेमाल पर भारी खर्च देना पड़ सकता है.
कंपनी के मुताबिक, अगर कोई इंडस्ट्री 40% की सीमा से ज्यादा गैस मांगती है, तो उसे 'स्पॉट मार्केट' की ऊंची दरों पर भुगतान करना होगा. ये कीमत 119 रुपये प्रति यूनिट तक जा सकती है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस के दाम 10 डॉलर से बढ़कर 25 डॉलर तक पहुंच गए हैं.
कंपनी का कहना है कि वो चुनौतीपूर्ण समय में भी आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने और बिना रुके गैस सप्लाई सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रही है.
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