ChatGPT Money Advice: आजकल पैसा कमाना जितना मुश्किल है, उससे ज़्यादा मुश्किल है उसे संभालकर रखना. महीने की शुरुआत में सैलरी आती है और कुछ ही दिनों में ईएमआई, बिजली का बिल और घर के खर्चों में खत्म हो जाती है. कई बार तो समझ ही नहीं आता कि पैसा चला कहां जाता है. ऐसे में शायद ये कभी नहीं सोचा होगा कि जो ChatGPT ईमेल लिखने या बच्चों की पढ़ाई में मदद के लिए आता है, वही आपकी कमाई बढ़ाने और उसे मैनेज करने में भी मदद कर सकता है.
इसी मदद को देखने के लिए हमने एक उदाहरण के तौर पर महीने की सैलरी, बैंक की EMI और रोज के खर्चों की जानकारी ChatGPT को दी. AI ने इससे एक काम का फाइनेंशियल प्लान बना दिया. सबसे खास बात ये रही कि ये प्लान बिल्कुल किसी फाइनेंशियल एक्सपर्ट जैसा लग रहा था.
AI ने ऐसे पकड़े फालतू खर्चे
हम लोगों को इतना तो पता होता है कि पैसा खर्च हो रहा है, लेकिन ये पता नहीं होती कि कहां बचाया जा सकता है. जैसे ही हमने अपनी कमाई और खर्च के बारे में बताया तो ऐआई ने खर्च को तीन हिस्सों में बांट दिया. पहला जरूरत का खर्च, दूसरा मनचाही चीजों पर खर्च और तीसरा सेविंग. इसके बाद AI ने दिखाया कि कमाई का काफी पैसा बेकार के सब्सक्रिप्शन और फालतू खर्चों में उड़ रहा है.
एआई ने बताया कि अगर ऐसे बेकार खर्च बंद कर दिए जाएं, तो साल भर में अच्छे पैसे बचाए जा सकते हैं और उसे आगे निवेश भी किया जा सकता है.
EMI का चक्रव्यूह
मिडिल क्लास के लिए होम लोन या कार लोन की EMI बहुत बड़ा टेंशन होती है. ChatGPT ने डेट स्नोबॉल का सॉल्यूशन दिया. इसका मतलब है पहले छोटे लोन पूरी तरह खत्म करो. जब छोटे लोन खत्म हो जाएं, तो बचे हुए पैसे को बड़े लोन में डाल दो. इससे बड़ा लोन जल्दी खत्म होता है और ब्याज भी कम देना पड़ता है. इस तरह सारे लोन चुक जाते हैं.
50‑30‑20 की धमाकेदार प्लानिंग
एआई के अनुसार पैसे सही से चलाने का एक सीधा सा नियम है 50‑30‑20. यानी 50% जरूरी खर्च में घर का किराया, राशन, बिजली‑पानी के बिल जैसे खर्च, मतलब जिनके बिना काम नहीं चलता, वो आने चाहिए. सैलरी के 30% हिस्से से मनपसंद खर्च, बाहर खाना, घूमना‑फिरना, शॉपिंग और शौक पूरे होने चाहिए. और 20% सेविंग में जाना चाहिए, जिससे इमरजेंसी के लिए पैसे बचे रहें.
एआई के अनुसार अगर आपकी EMI और जरूरी खर्च मिलकर 50% से ज्यादा हो जाएं, तो समझिए दिक्कत शुरू हो रही है. ऐसे में घूमना‑फिरना, बाहर खाना और फालतू खर्च कम करना ही होगा, जिससे लोन को लेकर आगे परेशानी ना हो.
(डिस्क्लेमर: AI जैसे ChatGPT आपको हिसाब‑किताब और प्लान बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन ये आपकी परिवार की स्थिति नहीं समझ पाते, जैसे घर में किसी को बीमारी हो सकती है या बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा खर्च हो रहा है. ऐसी बातों को एक सलाहकार बेहतर समझता है और उसी हिसाब से सही सुझाव देता है.)
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