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Cash Gift Rules: फैमिली से मिले कैश गिफ्ट पर Tax बचाने के लिए पास रखें ये 3 सबूत, वरना आ सकता है नेटिस

Cash Gift Tax Rules: परिवार या रिश्तेदारों से मिला कैश गिफ्ट कानूनन टैक्स फ्री होता है लेकिन इसके लिए सबूत जरूरी हैं.टैक्स विभाग बड़े कैश डिपॉजिट पर कभी भी आपसे स्पष्टीकरण या जवाब मांग सकता है.गिफ्ट देने वाले व्यक्ति की पहचान बताना आपकी जिम्मेदारी है.

Cash Gift Rules: फैमिली से मिले कैश गिफ्ट पर Tax बचाने के लिए पास रखें ये 3 सबूत, वरना आ सकता है नेटिस
Tax Saving Tips: इनकम टैक्स कानून के मुताबिक, रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट टैक्स फ्री जरूर होता है, लेकिन यह छूट अपने आप नहीं मिलती.
नई दिल्ली:

अगर आपके घर में शादी या एनिवर्सरी जैसा कोई फंक्शन है और आपको रिश्तेदारों से कैश गिफ्ट मिलने वाला है, तो सावधान हो जाइए. अक्सर लोग सोचते हैं कि परिवार से मिला गिफ्ट टैक्स फ्री होता है, लेकिन एक छोटी सी गलती आपको इनकम टैक्स विभाग के रडार पर ला सकती है.

एनिवर्सरी पर मिले ₹10.43 लाख पर देना पड़ा टैक्स

इनकम टैक्स से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे जानकर हर कोई हैरान है. टैक्स एडवाइजर प्लेटफॉर्म टैक्सबडी (TaxBuddy) ने सोशल मीडिया पर एक जानकारी शेयर की है जिसमें एक व्यक्ति को उसकी शादी की 10वीं सालगिरह पर रिश्तेदारों से कुल ₹10.43 लाख का कैश गिफ्ट मिला. उस व्यक्ति ने इस पैसे को अपने बैंक खाते में जमा कर दिया और सोचा कि रिश्तेदारों से मिला पैसा तो टैक्स फ्री होता है. लेकिन जब इनकम टैक्स विभाग की नजर इस बड़े कैश डिपॉजिट पर पड़ी, तो उन्होंने इसका हिसाब मांग लिया.

सिर्फ कह देने से नहीं बचेगा टैक्स, चाहिए पुख्ता सबूत

जब टैक्स अधिकारी ने उस व्यक्ति से पूछा कि यह पैसा कहां से आया, तो उसने बताया कि यह सालगिरह पर मिला गिफ्ट है. विभाग ने उससे देने वालों के नाम, उनसे रिश्ता और हर व्यक्ति से मिली रकम का ब्योरा मांगा. लेकिन वह व्यक्ति किसी भी डोनर की लिस्ट या उनके साथ रिश्ते का कोई डॉक्यूमेंट प्रूफ  नहीं दे पाया. 

नतीजा यह हुआ कि टैक्स अधिकारी ने उस पूरे ₹10.43 लाख को उसकी अपनी कमाई मान लिया और उस पर भारी टैक्स लगा दिया.इनकम टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) ने साफ किया है कि बिना सबूत के छूट नहीं मिलेगी.

कैश गिफ्ट को लेकर इनकम टैक्स कानून क्या कहता है और आप कैसे बचें?

इनकम टैक्स कानून के मुताबिक, रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट टैक्स फ्री जरूर होता है, लेकिन यह छूट अपने आप नहीं मिलती.

अगर कभी विभाग आपसे सवाल पूछे, तो आपके पास यह साबित करने के लिए रिकॉर्ड होना चाहिए कि पैसा किसने दिया और वह आपका रिश्तेदार है या नहीं. अगर आप डोनर की पहचान जाहिर नहीं कर पाते, तो उस पैसे को अनएक्सप्लेंड मनी यानी बिना हिसाब की कमाई मान लिया जाता है और उस पर टैक्स वसूल लिया जाता है.

टैक्स नोटिस से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप भी किसी बड़े फंक्शन में कैश गिफ्ट ले रहे हैं, तो कुछ जरूरी रिकॉर्ड जरूर मेंटेन करें. केवल नियम का पता होना काफी नहीं है, टैक्स के मामलों में सही डॉक्यूमेंट्स पास होना ही आपको नोटिस से बचा सकता है.

  • सबसे पहले पैसा देने वाले का नाम और उसके साथ अपना रिश्ता एक लिस्ट में लिखकर रखें. 
  • यह भी रिकॉर्ड रखें कि किस व्यक्ति से कितनी रकम मिली है. 
  • अगर गिफ्ट की रकम बड़ी है, तो देने वाले का पैन कार्ड या कोई पहचान पत्र की कॉपी रखना भी समझदारी होगी. 

कैश गिफ्ट टैक्स फ्री लेकिन सबूत रखना जरूरी

परिवार या रिश्तेदारों से मिला कैश गिफ्ट कानूनन टैक्स फ्री होता है लेकिन इसके लिए सबूत जरूरी हैं.टैक्स विभाग बड़े कैश डिपॉजिट पर कभी भी आपसे स्पष्टीकरण या जवाब मांग सकता है.गिफ्ट देने वाले व्यक्ति की पहचान बताना आपकी जिम्मेदारी होती है.इसलिए सालगिरह या शादी जैसे फंक्शन के नाम पर मिले हर पैसे का हिसाब पास रखना चाहिए.अगर आप डोनर का नाम और पता नहीं दे पाते, तो उस पैसे को आपकी एक्स्ट्रा इनकम माना जाएगा. इसलिए बैंक खाते में बड़ा कैश जमा करने से पहले उसके सोर्स यानी स्रोत की तैयारी रखें.किसी भी बड़े लेनदेन के मामले में टैक्स एक्सपर्ट या प्रोफेशनल की सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है.

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