भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत अच्छी खबर आ रही है. देश में पूंजीगत खर्च (Capex) यानी बुनियादी ढांचे और उद्योगों पर होने वाले खर्च में एक बार फिर तेजी लौटने लगी है. बाजार के जानकारों का मानना है कि आने वाले 2 से 3 सालों में निवेश से जुड़े सेक्टरों, खासकर डिफेंस और कैपिटल गुड्स में जबरदस्त मुनाफा देखने को मिल सकता है.
जब कंपनियां नई फैक्ट्रियां लगाती हैं या पुरानी मशीनों को बदलती हैं, तो उसे ही कैपेक्स कहा जाता है. इससे न सिर्फ काम बढ़ता है, बल्कि शेयर बाजार में जुड़ी कंपनियों की कमाई भी कई गुना बढ़ जाती है.
डिफेंस सेक्टर में क्यों आएगी तेजी?
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि डिफेंस यानी रक्षा क्षेत्र को इस निवेश का सबसे ज्यादा फायदा होगा. इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं:
- सरकार रक्षा पर अपना खर्च बढ़ा रही है.
- 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत अब हथियार और मशीनें भारत में ही बन रही हैं.
- अब भारत दुनिया के दूसरे देशों को भी रक्षा सामान बेच रहा है, जिससे कमाई के नए रास्ते खुल गए हैं.
कैपिटल गुड्स और मैन्युफैक्चरिंग का जलवा
मशीनें और औद्योगिक उपकरण बनाने वाली (Capital Goods) कंपनियों के पास अब ऑर्डर्स की कोई कमी नहीं है. उनकी फैक्ट्रियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं. ऐसे में अगर उनकी बिक्री में थोड़ी भी बढ़ोतरी होती है, तो उनका मुनाफा बहुत तेजी से बढ़ेगा.
इसके अलावा, दुनिया की कई बड़ी कंपनियां अब चीन के विकल्प के तौर पर भारत को एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही हैं, जिसका सीधा फायदा इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमेशन कंपनियों को होगा.
रियल एस्टेट और सीमेंट सेक्टर में भी दिखेगी चमक
बढ़ते निवेश और कम ब्याज दरों की वजह से घरों की मांग बढ़ रही है. रिपोर्ट के अनुसार, जब निर्माण कार्य (Construction) रफ्तार पकड़ता है, तो उसका फायदा सीमेंट और रियल एस्टेट कंपनियों को मिलता है. हालांकि ये सेक्टर थोड़ा देर से रफ्तार पकड़ते हैं, लेकिन जब काम शुरू होता है, तो इनकी ग्रोथ बहुत तेज होती है.
अगले कुछ साल भारतीय बाजार के लिए निवेश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं. अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं, तो डिफेंस, रेलवे, बिजली और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों पर नजर रखना फायदेमंद हो सकता है.
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