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कहां से कमाएगी? और कहां खर्च करेगी? 1 रुपये के उदाहरण से समझिए सरकार का हिसाब-किताब

2026-27 का बजट आ गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 53 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट पेश किया. ऐसे में जानते हैं कि सरकार इस साल कहां से कितना कमाएगी और कहां कितना खर्च करेगी?

कहां से कमाएगी? और कहां खर्च करेगी? 1 रुपये के उदाहरण से समझिए सरकार का हिसाब-किताब
नई दिल्ली:

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 का बजट पेश कर दिया है. इस बार का कुल बजट 53.47 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का है. ये पिछली बार के बजट अनुमान से 5.5 फीसदी ज्यादा है. बजट में सरकार बताती है कि वो सालभर कहां से कितना कमाएगी और कहां पर कितना खर्च करेगी? 

बजट में सरकार पूरे सालभर का हिसाब-किताब बताती है. सरकार की कमाई का सबसे बड़ा सोर्स टैक्स ही होता है. इसमें भी इनकम टैक्स का हिस्सा सबसे बड़ा होता है. वहीं, सरकार के खर्च का एक बड़ा हिस्सा राज्यों को टैक्स में हिस्सेदारी देने और कर्ज पर ब्याज चुकाने में चला जाता है. बजट दस्तावेज में सरकार 1 रुपये के उदाहरण से बताती है कि उसे सालभर में कहां से कितनी कमाई होगी और उसका पैसा कहां खर्च होगा?

सरकार की कमाई-खर्च का हिसाब-किताब?

कमाई: 1 रुपये के उदाहरण से समझते हैं. 2026-27 में सरकार 1 की रुपये की कमाई में 21 पैसा इनकम टैक्स और 18 पैसा कॉर्पोरेशन टैक्स से आएगा. जीएसटी से 15 पैसे, एक्साइज ड्यूटी से 6 पैसे और कस्टम ड्यूटी से 4 पैसा कमाएगी. 10 पैसा नॉन-टैक्स रेवेन्यू से और 2 पैसे नॉन-डेट रिसीट से आएगा. इसके अलावा सरकार 24 पैसा उधार लेगी.Latest and Breaking News on NDTV

खर्च: सरकार के 1 रुपये के खर्च में 20 पैसा तो ब्याज चुकाने में चला जाएगा. 22 पैसा राज्यों को टैक्स और ड्यूटी में हिस्सा देने में खर्च हो जाएगा. बाकी 17 पैसा केंद्र की योजनाओं और 8 पैसा केंद्र की प्रायोजित योजनाओं पर खर्च होगा. 11 पैसा डिफेंस, 7 पैसा वित्त आयोग और 6 पैसा सब्सिडी पर खर्च होगा. बाकी बचा 9 पैसा पेंशन और दूसरे खर्चों पर लगेगा.

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कितना बड़ा है इस बार का बजट?

2026-27 के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो बजट पेश किया है, वो 53.47 लाख करोड़ रुपये का है. 2025-26 के बजट अनुमान की तुलना में ये 5.5 फीसदी ज्यादा है. सरकार 2026-27 में जो 53.47 लाख करोड़ रुपये खर्च करेगी, उसमें से लगभग 36 लाख करोड़ रुपये तो टैक्स और दूसरे जगहों से मिल जाएंगे. लेकिन बाकी के खर्च के लिए सरकार लगभग 17 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी.

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