आम बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह साफ कर दिया है कि सरकार अब सिर्फ खर्च नहीं करेगी बल्कि ऐसे सेक्टरों पर पैसा लगाएगी जो सीधा देश की ग्रोथ और आम लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं. इस बजट में हेल्थकेयर से लेकर डिफेंस, MSME, बायोफार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर तक पांच बड़े सेक्टरों के लिए सरकार ने दिल खोलकर पैसा दिया है.
सवाल यही है कि वित्त मंत्री के खजाने से किस सेक्टर को क्या मिला और इसका असर आम लोगों और कारोबार पर कैसे पड़ेगा? आइए जानते हैं...
हेल्थकेयर सेक्टर को बड़ा सहारा
बजट 2026 में हेल्थकेयर सेक्टर को बड़ी राहत मिली है. वित्त मंत्री ने Bio Pharma Shakti योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है. इसका मकसद भारत को बायो फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाना है. इस योजना से ऐसी दवाओं का उत्पादन बढ़ेगा जो डायबिटीज जैसी लंबी बीमारियों में काम आती हैं. सरकार अगले पांच साल में 1000 क्लीनिकल ट्रायल साइट भी बनाएगी और दवा नियामक संस्था को और मजबूत किया जाएगा.
वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना से भारत में बायोलॉजिक और बायोसिमिलर दवाओं का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा. इसके साथ ही अगले पांच साल में 10 अलग अलग हेल्थ फील्ड में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे. इसके अलावा बुजुर्गों की देखभाल के लिए 1.5 लाख केयरगिवर भी तैयार किए जाएंगे. सरकार मानसिक स्वास्थ्य संस्थान भी बनाएगी और देश में और ज्यादा इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर खोले जाएंगे.
MSME सेक्टर के लिए फंड में बढ़ोतरी
छोटे कारोबारियों के लिए भी बजट में राहत की खबर है. सरकार ने Self Reliant India Fund में 4 हजार करोड़ रुपये और जोड़ने का फैसला किया है. यह फंड उन MSME कंपनियों को इक्विटी सपोर्ट देता है जो आगे चलकर बड़ी कंपनियां बन सकती हैं. यह फंड पहले 2023 में शुरू किया गया था. इसके साथ ही टेक्सटाइल सेक्टर के लिए भी नई योजना लाई गई है ताकि इस सेक्टर को विदेशों से आ रहे दबाव से राहत मिल सके.
बजट 2026 में सरकार ने साफ किया है कि अब बड़े शहरों के साथ साथ छोटे शहरों पर भी ध्यान दिया जाएगा. टियर 2 और टियर 3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत किया जाएगा ताकि वहां रोजगार और कारोबार के मौके बढ़ें और बड़े शहरों पर दबाव कम हो.
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च का ऐलान
वित्त मंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ा दांव खेला है. सरकार ने 2026 27 के लिए पब्लिक कैपेक्स बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. पिछले बजट में यह आंकड़ा 11.2 लाख करोड़ रुपये था. वित्त मंत्री ने बताया कि 2014 15 में यह खर्च करीब 2 लाख करोड़ रुपये था जो अब कई गुना बढ़ चुका है. इससे सड़कों, शहरों, कनेक्टिविटी और नौकरियों पर सीधा असर पड़ेगा.
डिफेंस सेक्टर को अब तक का सबसे बड़ा बजट
डिफेंस सेक्टर के लिए सरकार ने 7.84 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया है. इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये कैपिटल खर्च के लिए रखे गए हैं जबकि 5.53 लाख करोड़ रुपये रेवेन्यू खर्च के लिए हैं. इसमें पेंशन का खर्च भी शामिल है. एयरक्राफ्ट और एयरो इंजन के लिए 63 हजार करोड़ रुपये और नेवी फ्लीट के लिए 25 हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं.
वित्त मंत्री ने डिफेंस एयरोस्पेस इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब नागरिक और ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट के लिए जरूरी पार्ट्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी. इसके साथ ही मेंटेनेंस और रिपेयर के लिए आयात होने वाले कच्चे माल पर भी ड्यूटी माफ की जाएगी. इससे देश में डिफेंस एयरोस्पेस इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी.
इस बजट से साफ है कि सरकार का फोकस ऐसे सेक्टरों पर है जो देश की लंबी ग्रोथ तय करेंगे. हेल्थ, डिफेंस, MSME, बायोफार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से आने वाले समय में नौकरियां बढ़ सकती हैं, कारोबार को रफ्तार मिल सकती है और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं. बजट 2026 को इसी वजह से विकास और भरोसे वाला बजट माना जा रहा है.
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