- शर्मा जी की पत्नी को स्वरोजगार, बेटे को नौकरी के मौके, बेटी को सुरक्षित हॉस्टल और उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे.
- उनके माता-पिता को बेहतर इलाज और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं तो पूरे परिवार को बेहतर शहर और भरोसेमंद सिस्टम मिलेगा.
- इंतजार है कि घोषणाएं जमीन पर उतरें क्योंकि शर्मा जी के लिए बजट के मायने उनके घर के मासिक बजट से जुड़े हैं.
जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद में बजट 2026-27 पेश कर रही थीं तब करोड़ों परिवारों की तरह शर्मा जी के घर में भी टीवी चालू था. सब यही सुनना चाहते थे कि इस बार के बजट में परिवार के लिए क्या है? शर्मा जी प्राइवेट नौकरी करते हैं, उनकी पत्नी गृहिणी हैं और अपना एक स्वरोजगार शुरू करने का सपना देखती हैं. बेटा इंजीनियरिंग की तैयारी में है, बेटी स्कूल में पढ़ती है और उनके माता-पिता उम्र के उस दौर में हैं जहां इलाज सबसे बड़ी चिंता बन जाता है.
आज का बजट अगर कागज से निकालकर आम भाषा में समझें, तो इसका असर शर्मा जी के परिवार के हर सदस्य की जिंदगी पर पड़ता दिख रहा है- बेटे-बेटी की पढ़ाई, नौकरी, महिलाओं के रोजगार और बुजुर्गों के इलाज तक.
वित्त मंत्री ने एलान किया कि नया इनकम टैक्स नियम अप्रैल 2026 से लागू होगा. इसके तहत इनकम टैक्स के नियम और फॉर्म आसान बनाए जाएंगे. टैक्स रिटर्न भरना सामान्य लोगों के लिए सरल होगा. विदेश यात्रा पैकेज पर TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) घटाकर 2% कर दिया गया है. विदेश में पढ़ाई और मेडिकल खर्च के लिए भेजे गए पैसों पर भी TCS 5% से घटाकर 2%. मैनपावर सर्विस पर TDS सिर्फ 1% या 2% होगा.
छोटे टैक्सपेयर्स को अब कम या शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट के लिए अफसरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे- सिस्टम खुद देगा. इनकम टैक्स रिटर्न को संशोधित करने की आखिरी तारीख अब 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है. छोटे टैक्सपेयर्स के लिए 6 महीने की वन-टाइम फॉरेन असेट डिस्क्लोजर स्कीम लाई जाएगी.

खुद शर्मा जी के लिए सबसे बड़ी राहत ये है कि अब टैक्स फॉर्म भरना आसान होगा और गलती का डर कम रहेगा. शर्मा जी जैसे ही नौकरीपेशा लोगों को रिटर्न भरने के लिए अब चार्टर्ड अकाउंटेंट के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे. अगर बेटा आगे पढ़ाई के लिए विदेश जाना चाहे, तो अब उस पर लगने वाला TCS पहले से कम होगा. अगर परिवार में किसी को विदेश में इलाज कराने की जरूरत पड़ी और उसके लिए विदेश पैसे भेजने पड़े तो टैक्स का बोझ पहल से कम पड़ेगा.
दादा-दादी जैसे बुजुर्गों को अब टैक्स रिवाइज करने के लिए जल्दी-जल्दी भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी, मार्च तक का समय मिलेगा.
कुल मिलाकर टैक्स सिस्टम सरकार की नहीं, आम आदमी की सुविधा के हिसाब से बनाया जा रहा है जो शर्मा जी जैसे लाखों आयकरदाताओं को सबसे अधिक राहत देती है.
शर्मा जी की बेटी के लिए अपने ही जिले में गर्ल्स हॉस्टल
वित्त मंत्री ने कहा कि STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) संस्थानों में लड़कियों को देर तक लैब और पढ़ाई करनी पड़ती है, जिससे उन्हें रहने की सुरक्षित सुविधा की जरूरत होती है. इसलिए सरकार हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाएगी.
शर्मा जी की बेटी इंजीनियर बनने का सपना देख रही है. अगर जिले में ही हॉस्टल मिल जाए तो बेटी को दूर बड़े शहर भेजने की चिंता नहीं रहेगी.
इतना ही नहीं वित्त मंत्री की इस घोषणा से गांव में रहने वाली बेटियों को भी इंजीनियरिंग, मेडिकल और रिसर्च में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. यह फैसला शर्मा जी जैसे लाखों परिवारों की बेटियों का भविष्य सुरक्षित और मजबूत करने वाला है.
नौकरी और रोजगार- शर्मा जी के बेटे के लिए उम्मीद
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार का दूसरा कर्तव्य है लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता बनाना. इसके तहत 7 रणनीतिक सेक्टरों में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी, पुराने उद्योगों को दोबारा मजबूत किया जाएगा, चैंपियन एमएसएमई बनाए जाएंगे, इंफ्रास्ट्रक्चर को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, शहरी आर्थिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे.
शर्मा जी का बेटा इंजीनियरिंग कॉलेज में जाने की तैयारी कर रहा है पर उनकी सबसे बड़ी चिंता यही है कि नौकरी मिलेगी या नहीं. मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई सेक्टर में विस्तार से नए रोजगार पैदा होंगे. शहरी आर्थिक क्षेत्रों के बनने से छोटे शहरों में भी इंडस्ट्री आएगी. स्टार्टअप और टेक सेक्टर में युवाओं के लिए नए मौके खुलेंगे.
शर्मा जी का बेटा कहता है, “अगर फैक्ट्रियां और एमएसएमई बढ़ेंगी तो सिर्फ डिग्री नहीं, स्किल वालों को भी नौकरी मिलेगी.”
शर्मा जी की पत्नी के लिए क्या?
वित्त मंत्री ने लखपति दीदी योजना की सफलता के बाद SHE यानी सेल्फ-हेल्प उद्यमी मार्ट्स बनाने का एलाना किया है. इससे महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों द्वारा चलाए जाने वाले कम्युनिटी रिटेल स्टोर्स को सपोर्ट मिलेगा.
शर्मा जी की पत्नी सिलाई का काम और अपने घर पर ही बेकिंग करती हैं और उससे कमाई भी करना चाहती हैं लेकिन अब तक वो बाजार तक पहुंच सकी हैं.
SHE Marts से उन्हें अपने उत्पाद बेचने का प्लेटफॉर्म मिलेगा. आसान लोन और ट्रेनिंग से घर से कमाने का रास्ता खुलेगा. परिवार की आय बढ़ेगी और आर्थिक आजादी भी. साथ ही यह देश की अर्थव्यवस्था में भी इजाफा करेगा.
शर्मा जी की पत्नी कहती हैं कि, “अगर मेरे मोहल्ले में ऐसा मार्केट खुल गया तो हम जैसे कई घरों की महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं.”
किसानों के लिए AI टूल- असर शर्मा जी के परिवार पर?
सरकार ने Bharat-VISTAAR नाम का एक मल्टीलिंगुअल AI टूल लॉन्च करने की घोषणा की, जो AgriStack और ICAR डाटा को जोड़कर किसानों को मौसम, फसल और बाजार के बारे में सलाह देगा, उनके फसल की जोखिम को कम करेगा और उत्पादकता को बढ़ाने में मदद करेगा.
पर शर्मा जी के परिवार पर असर कैसे पड़ेगा? दरअसल, शर्मा जी का गांव में छोटा खेत है जिसे उनके चाचा संभालते हैं. तो जब फसल बेहतर होगी तो उस पर निर्भर शर्मा जी के चाचा की आदमनी बढ़ेगी, उनके ग्रैजुएट बेटे को शहर से गांव आकर नौकरी करने की जरूरत नहीं होगी, वो वहीं रह कर पिता के काम में हाथ बटाएगा और इससे देश को भविष्य का एक पढ़ा-लिखा आत्मनिर्भर किसान मिलेगा, और सबसे अहम उत्पादन बढ़ने का फायदा शहरों में रह रहे शर्मा जी जैसे उपभोक्ताओं को मिलेगा.
मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर- पूरे परिवार के लिए राहत
वित्त मंत्री ने क्या कहा कि सरकार NIMHANS-2 बनाएगी. रांची और तेजपुर के मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों को क्षेत्रीय एपेक्स संस्थान बनाएगी.
शर्मा जी के परिवार पर असर, शर्मा जी के बुजुर्ग माता-पिता अक्सर अकेलेपन और चिंता से जूझते रहते हैं, लेकिन इलाज महंगा पड़ता है. सरकारी मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी. इलाज सस्ता और पास में उपलब्ध होगा. बच्चों और युवाओं के तनाव और डिप्रेशन पर भी बेहतर इलाज मिल सकेगा.
मेडिकल हब से इलाज, पढ़ाई और नौकरी तीनों को फायदा
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार राज्यों के साथ मिलकर पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाएगी, जिनमें अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, रिसर्च सेंटर, आयुष सुविधाएं, डायग्नोस्टिक और रिहैबिलिटेशन सेवाएं शामिल होंगी. शर्मा जी के परिवार उनके माता-पिता को इलाज के लिए बड़े शहर नहीं जाना पड़ेगा. बेटे और बेटी को मेडिकल एजुकेशन और हेल्थ जॉब्स के नए मौके मिलेंगे. पूरे परिवार को भरोसेमंद और सस्ता इलाज मिलेगा.
टेक्सटाइल- रोजगार का बड़ा इंजन
वित्त मंत्री ने बताया किस सरकार टेक्सटाइल सेक्टर के लिए एक बड़ा इंटीग्रेटेड प्रोग्राम लाई है. इसमें नेशनल फाइबर स्कीम, टेक्स्टाइल एक्सपैन्सन ऐंड इम्प्लॉयमेंट स्कीम, नेशनल हैंडलूम ऐंड इम्प्लॉयमेंट स्कीम, नेशनल हैंडलूम ऐंड हैंडिक्राफ्ट प्रोग्राम और टेक्स-इको इनिसिएटिव के सात समर्थ 2.0 स्किलिंग प्रोग्राम शामिल हैं.
शर्मा जी की पत्नी की बहन हथकरघा का काम करती हैं. नए क्लस्टर और मशीन सपोर्ट से रोजगार बढ़ेगा. महिलाओं और कारीगरों की आमदनी बढ़ेगी. गांव और कस्बों से शहरों की मजबूरी पलायन कम होगा.
पूर्वोत्तर राज्यों, पर्यटन और ई-बस- शहरों की जिंदगी कैसे बदलेगी?
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ईस्ट कोस्ट इंडस्ट्री कॉरिडोर बनाएगी. पूर्वोत्तर राज्यों में पांच टूरिज्म डेस्टिनेशन विकसित करेगी, 4000 ई-बस लाएगी, पूर्वोत्तर में बुद्धिस्ट सर्कल स्कीम शुरू करेगी. शर्मा जी के परिवार पर इसका असर ये होगा कि अगर उनके बच्चे पर्यटन या हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नौकरी करना चाहते हैं तो उन्हें मौके मिलेंगे. ई-बस की सुविधा से ट्रांसपोर्ट से ऑफिस जाना प्रदूषण के लिहाज से भी स्वास्थ्यकर रहेगा.
वन-टाइम विदेशी संपत्ति डिस्क्लोजर से युवाओं को राहत
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि छोटे टैक्सपेयर्स, छात्रों, युवा प्रोफेशनल्स और विदेश से लौटे एनआरआई के लिए छह महीने की एक बार की स्कीम लाई जाएगी ताकि वे छोटी विदेशी संपत्ति या आय बिना पेनल्टी के घोषित कर सकें. शर्मा जी का भतीजा कुछ साल विदेश में काम कर लौटा है. अब वह बिना डर के अपनी छोटी सेविंग्स घोषित कर सकेगा. परिवार को टैक्स नोटिस और कानूनी तनाव से राहत मिलेगी.
खुद शर्मा जी के लिए टैक्स फॉर्म आसान करने से फायदा पहुंचेगा, रिटर्न रिवाइज करने का समय बढ़ेगा, टीडीएस/टीसीएस प्रक्रिया सरल होगी.
तो बजट 2026-27 सिर्फ आंकड़ों का बजट नहीं, बल्कि शर्मा जी जैसे आम परिवारों की जिंदगी से जुड़ा बजट है.
शर्मा जी को टैक्स नियमों में राहत, पत्नी को स्वरोजगार, बेटे को नौकरी और इंडस्ट्री के मौके, बेटी को सुरक्षित हॉस्टल और उच्च शिक्षा, माता-पिता को बेहतर इलाज और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं तो पूरे परिवार को बेहतर शहर और भरोसेमंद सिस्टम मिलेगा. अब इंतजार है कि ये घोषणाएं जमीन पर कब दिखेंगी क्योंकि शर्मा जी के लिए बजट के मायने उनके घर के मासिक बजट से जुड़े हैं.
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