संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ. इस सत्र के काफी हंगामेदार होने की संभावना है. माना जा रहा है कि विपक्ष इस दौरान राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और प्रतियोगी परीक्षाओं की पेपर की लीक जैसे विषयों पर हंगामा कर सकता है. वहीं सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन में पेश कर सकती है. इसमें महिला आरक्षण से जुड़ा परिसीमन बिल प्रमुख है. संसद के बजट सत्र में भी हंगामे की वजह से कामकाज प्रभावित हुआ था. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि संसद के मानसून सत्र में कितना विधायी काम हो पाता है.
बजट सत्र में संसद में कितना हुआ था कामकाज
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक संसद के बजट सत्र में लोकसभा में 86 फीसद तो राज्य सभा में 92 फीसदी कामकाज हुआ था. इस दौरान लोकसभा में प्रश्नकाल कुल 13.8 घंटे चला तो राज्यसभा में 24.7 घंटे चला था.
संसद का बजट सत्र पहला चरण 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चला था. इस सत्र का दूसरा चरण आठ मार्च से शुरू होकर दो अप्रैल तक चलना था. लेकिन सरकार ने लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति से 16, 17 और 18 अप्रैल को भी सदन की बैठक बुलाने का आग्रह किया था. इसे मानते हुए लोकसभा स्पीकर और राज्य सभा के सभापति ने दोनों सदनों की कार्यवाही बढ़ा दी थी. इस तरह बजट सत्र का तीसरा चरण 16 अप्रैल से शुरू हुआ था. इस दौरान सरकार महिला आरक्षण बिल से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक समेत तीन विधयेक लोकसभा में पेश किया. इन पर 21 घंटे से अधिक समय तक बहस हुई. लेकिन संख्या बल के अभाव में ये विधेयक पारित नहीं हो सके.
मानसून सत्र में उठ सकते हैं कौन से मुद्दे
राजनीतिक हालात को देखते हुए मानसून सत्र के भी काफी हंगामेदार रहने की संभावना है.इसकी झलक सर्वदलीय बैठक में दिखाई दी है.रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक और लोकसभा की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा को लेकर मतभेद नजर आए. विपक्षी दल ने जहां अयोध्या के राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा चोरी, नीट पेपर लीक, एथनॉल नीति, मणिपुर के हालात, किसानों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली समेत कई विषयों पर चर्चा चाहता है, वहीं सरकार विपक्ष से दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग चाहती है.इस सत्र में तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) में हुई बगावत का मामला भी उठ सकता है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के मुताबिक मानसून सत्र के लिए आठ विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं.
ये भी पढ़ें: रुद्रप्रयाग में बारिश ने बढ़ाई मुश्किल! नदियां उफान पर, हाईवे बंद... बांसबाड़ा में भूस्खलन- अलर्ट जारी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं