BSE के प्रबंध निदेशक और सीईओ (CMD) सुंदररमन राममूर्ति ने कहा कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का शेयर मौजूदा नियमों के तहत अपने प्लेटफॉर्म पर नहीं लिस्ट हो सकता है. समाचार एजेंसी IANS ने एक रिपोर्ट के हवाले से ये जानकारी दी है. रामामूर्ति ने कहा कि NSE ने पुष्टि की है कि वह सेल्फ-ट्रेडिंग की मंजूरी के लिए अपने ऑफर डॉक्यूमेंट में कोई अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल नहीं करने जा रहा है.
सारी अटकलों पर लगा ब्रेक
रिपोर्ट के मुताबिक, 'रामामूर्ति ने बताया कि BSE की कंप्लायंस टीम ने NSE से पता किया था कि क्या वे ऐसी इजाजत लेने और अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में कोई अतिरिक्त दस्तावेज फाइल करने की योजना बना रहे हैं.' उनके अनुसार, NSE ने जवाब दिया कि मीडिया रिपोर्टें अटकलों पर आधारित और बेबुनियाद थीं और वह इस मामले में कोई नया अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल नहीं करेगा.
BSE के साथ भी यही हुआ था, मिली थी इजाजत
राममूर्ति ने बताया कि BSE ने भी 2017 में अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली थी. ये स्पष्टीकरण ऐसे समय पर आया है, जब कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि BSE पर लिस्ट होने के बाद NSE अपने ही एक्सचेंज पर ट्रेड कर सकता है.
इसके अलावा, हाल ही में शुरू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) पर रामामूर्ति ने कहा कि सीएएस सिस्टम के लिए लिक्विडिटी एक जरूरी चीज है. सीएएस में लिक्विडिटी की कमी के कारण भागीदारी कम रही है. इंडेक्स वॉल्यूम में गिरावट आई है.
वहीं दूसरी ओर, रिपोर्ट से पता चलता है कि अगस्त में NSE का मंथली इक्विटी डेरिवेटिव्स टर्नओवर गिरकर 34.48 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो नवंबर 2023 के बाद सबसे कम है. जबकि अगस्त में BSE का टर्नओवर 32.2 लाख करोड़ रुपए रहा, जो जून 2025 के बाद सबसे कम है.
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