क्या आप भी लगता है कि ऐप बनाने के लिए कोडिंग सीखना जरूरी है? तो यह खबर आपके लिए ही है. हुआ यह है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पावर ने एक ऐसा कमाल कर दिखाया, जिसने दुनिया भर के सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की धड़कनें तेज कर दी हैं.
बिना कोडिंग के ऐप तैयार
पेशे से इन्वेस्टर अनिश मूंका ने हाल ही में सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने बिना किसी तकनीकी बैकग्राउंड और बिना एक भी लाइन कोड लिखे पूरी तरह से फंक्शनल 10 Minute Gita ऐप बना डाला.
Examples are now pouring in about AI-assisted Code Engineering productivity.
— Sridhar Vembu (@svembu) February 6, 2026
The quoted post is a Bhagwad Gita app.
Anthropic has built an entire C compiler with their Claude AI. That is not an easy engineering feat at all.
At this point, it is best for those of us who… https://t.co/KbgVX8G9nU
कैसे किया कारनामा?
अनिश ने बताया कि उन्होंने केवल सिंपल अंग्रेजी में AI को निर्देश दिए और क्लाउड कोड एआई ने पूरा ऐप तैयार कर दिया. इसमें ChatGPT Pro को मदद के लिए इस्तेमाल किया गया. खर्चे के बारे में बताते हुए वो बोले कि बस इसमें करीब 319 डॉलर का खर्चा आया, वो भी सॉफ्टवेयर सब्सक्रिप्शन और ऐप स्टोर फीस के लिए. कोडिंग की 0 लाइनों के साथ बना यह ऐप एप्पल ऐप स्टोर पर लाइव है और लोग इसे इस्तेमाल कर रहे हैं.
Zoho के श्रीधर वेम्बू की बड़ी चेतावनी
आईटी जगत के दिग्गज और Zoho के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने इस मामले पर अपना रिएक्शन दिया है. उन्होंने कहा कि एआई-असिस्टेड कोडिंग अब केवल एक प्रयोग नहीं, बल्कि हकीकत बन चुकी है. "जो लोग अपनी जीवन के लिए केवल कोड लिखने पर निर्भर हैं, उन्हें अब रोजी-रोटी कमाने के लिए दूसरे विकल्पों के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए. इसमें मैं खुद भी शामिल हूं."
श्रीधर वेम्बू का मानना है कि AI ने इंजीनियरिंग के उन कारनामों को भी आसान कर दिया है, जिन्हें पहले बहुत कठिन माना जाता था. हालांकि वो इसे लेकर बहुत परेशान नहीं हैं. उनका कहना है कि जब टेक्नोलॉजी बैकग्राउंड में चली जाएगी तब इंसान के पास अपने परिवार, कला और संस्कृति के लिए ज्यादा समय होगा.
क्या है क्लाउड कोड?
इस एआई टूल को एंथ्रोपिक ने बनाया है. यह सीधे कंप्यूटर के कमांड सेंटर में काम करता है. फाइलों को एडिट करने से लेकर बग्स सुधारने तक का काम एक एक्सपर्ट डेवलपर की तरह कर देता है.ऐसे में कहा जा सकता है कि यह खबर उन लाखों युवाओं के लिए एक सबक है जो केवल कोडिंग को ही भविष्य मान रहे थे. अब भविष्य केवल कोड लिखने में नहीं, बल्कि एआई को सही प्रोमप्ट देने में है.
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