Pakista Stock Exchange Update: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की ओर से पाकिस्तान के साथ जारी शांति समझौता रद्द करने वाले बयान के बाद दुनिया भर के शेयर बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली. इस बीच इस शांति समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान के शेयर बाजार का कुछ ज्यादा ही बुरा हाल देखने को मिला. पाकिस्तानी स्टॉक एक्सचेंज का KSE 100 इंडेक्स बुधवार को 4,626.19 अंक गिरकर 181,629.36 अंकों पर बंद हुआ, जो पिछले क्लोजिंग के मुकाबले 2.48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
कारोबारी सत्र के दौरान KSE-100 इंडेक्स एक बार फिसल कर 179,504.34 अंक के निचले स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले दिन के क्लोजिंग के मुकाबले 6,751.21 नीचे था. दरअसल, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज में कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी सेना की ओर से ईरान पर पलटवार करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने बुधवार को पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली पीस डील को रद्द करने का ऐलान कर दिया था. ट्रंप ने इस समझौते को रद्द करते हुए कहा कि मेरे हिसाब से यह सब खत्म हो चुका है. मैं ईरान के साथ कोई लेन-देन नहीं करना चाहता. उनके साथ डील करना सिर्फ समय की बर्बादी है.
'निवशकों का भरोसा टूटा'
पाकिस्तानी शेयर बाजार में आई इस गिरावट पर एनालिस्ट कोरान फरशोर ने कहा कि ट्रंप के बयान से निवेशकों का भरोसा बाजार से कम हुआ है, क्योंकि पश्चिम एशिया के हालात को लेकर फिर से चिंताएं पैदा हो गई हैं. उन्होंने आगे कहा कि एक और युद्ध का मतलब है कि मध्य पूर्व से तेल की सप्लाई में रुकावट आ सकती है, जिसका अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा. फरशोरी ने कहा कि इससे पहले सोमवार को एनर्जी की कीमतों में गिरावट और ब्याज दरों में संभावित कटौती की वजह से मार्केट में उम्मीद का माहौल था.

दुनियाभर के शेयर बाजार में भी आई गिरावट
ऐसा नहीं है कि सिर्फ पाकिस्तान के ही शेयर बाजार में गिरावट आई हो, बल्कि ट्रंप के बयान से दुनियाभर के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बयान के बाद भारतीय स्टॉक इंडेक्स Sensex और Nifty 50 में भी कोहराम मच गया. BSE इंडेक्स Sensex करीब 1,677 अंक से अधिक टूटकर बंद हुआ. इसकी वजह से निवेशकों के लगभग 9 लाख करोड़ रुपये डूब गए. खुद अमेरिका के Wall Street में भी भारी गिरावट देखी गई. डाउ जोन्स (Dow Jones) 600 अंक यानी 1.3% और नैस्डैक 1.6% तक फिसल गया. इस दौरान सेमीकंडक्टर और बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई.
यूरोप और एशिया के बाजारों में आई बड़ी गिरावट
ट्रंप के बयान का असर यूरोप और एशिया के बाजारों पर भी देखने को मिला दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 5% से अधिक क्रैश हो गया. वहीं, जापान का निक्की (Nikkei 225) में 2.3% की गिरावट दर्ज हुई. इसके अलावा, यूरोप का STOXX 600 इंडेक्स 1.3% नीचे चला गया. ट्रंप की ओर से स्पेन के साथ व्यापारिक रिश्ते तोड़ने की धमकी और रक्षा बजट न बढ़ाने की आलोचना के बाद स्पेन का राष्ट्रीय इंडेक्स IBEX 35 भी सीधे 2.7% टूट गया.
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ऐसा नहीं है कि ट्रंप के बयान का असर सिर्फ शेयर बाजार पर ही पड़ा, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान से कमोडिटी और मुद्रा बाजार भी थर्रा उठा. होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों और ट्रंप की ओर से पीस डील को रद्द करने वाले बयान के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में 6% से 10% की भारी तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड $78 प्रति बैरल के पार निकल गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है. इसके अलावा, भारतीय रुपया भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 59 पैसे टूटकर 95.55 के अब तक के निचले स्तर पर बंद हुआ. इसके अलावा, मार्केट वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX एक ही दिन में 26% से ज्यादा उछल गया.
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