टाटा ग्रुप (Tata Group) के स्वामित्व वाली एयर इंडिया (Air India) से मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद एयरलाइन कंपनी का बयान आया है. कंपनी के अनुसार, विल्सन ने एयर इंडिया के निजीकरण के बाद पिछले चार वर्षों में एयरलाइन के कायाकल्प और एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. एयर इंडिया की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कैंपबेल विल्सन ने साल 2024 में ही एयर इंडिया के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन को 2026 में पद छोड़ने की अपनी इच्छा से अवगत करा दिया था. तब से वे संगठन और नेतृत्व टीम को इस बदलाव के लिए तैयार करने पर काम कर रहे थे. विल्सन तब तक अपने पद पर बने रहेंगे जब तक कि उनके उत्तराधिकारी की नियुक्ति नहीं हो जाती.
चार वर्षों का सफर: सरकारी से निजी कार्यप्रणाली तक
अपने कार्यकाल को याद करते हुए विल्सन ने कहा, 'निजीकरण के बाद पिछले चार वर्षों में हमने चार एयरलाइनों (एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, एआईएक्स कनेक्ट और विस्तारा) के सफल विलय और अधिग्रहण का कार्य पूरा किया.' उन्होंने बताया कि इस दौरान कंपनी ने सरकारी कार्यप्रणाली से पूरी तरह हटकर निजी क्षेत्र की आधुनिक कार्यप्रणाली को अपनाया है. नेतृत्व, कर्मचारी संस्कृति और संचालन प्रणाली का आधुनिकीकरण इस बदलाव का सबसे अहम हिस्सा रहा है. विल्सन ने कहा कि 2027 से 600 विमानों के विशाल ऑर्डर की डिलीवरी शुरू होने वाली है. ऐसे में कंपनी के अगले विकास चरण के लिए कमान सौंपने का यह सही समय है.
आधुनिकीकरण और बेड़े का विस्तार
कंपनी के मुताबिक, विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने कई मील के पत्थर स्थापित किए:
- एयर इंडिया के बेड़े में लगभग 100 नए विमान जोड़े गए.
- पुराने नैरोबॉडी विमानों के इंटीरियर का नवीनीकरण लगभग पूरा हो चुका है और नए डिजाइन वाले वाइडबॉडी विमानों की डिलीवरी शुरू हो गई है.
- दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी ट्रेनिंग अकादमी, दो सिम्युलेटर केंद्र, एक फ्लाइंग स्कूल और नया 'ग्रीनफील्ड एमआरओ' (MRO) बेस विकसित करने की नींव रखी गई.
चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने की सराहना
एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने विल्सन के योगदान की सराहना करते हुए कहा, 'कैंपबेल और उनकी टीम ने कोविड के बाद की सप्लाई चेन बाधाओं और भू-राजनीतिक चुनौतियों जैसी कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प दिखाया है. उन्होंने अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए कर्मचारियों को 'नई एयर इंडिया' बनाने के साझा लक्ष्य के साथ जोड़ा.' एयर इंडिया बोर्ड ने नए CEO की तलाश के लिए एक विशेष समिति का गठन कर दिया है, जो आने वाले कुछ महीनों में विल्सन के उत्तराधिकारी का नाम तय करेगी.
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