एयर इंडिया ने बढ़ते घाटे और लगातार बढ़ रहे ऑपरेशन खर्चों के बीच कॉस्ट कटिंग की तैयारी शुरू कर दी है. टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी के बोर्ड ने गुरुग्राम हेडक्वाटर में करीब 3 घंटे लंबी मीटिंग की, जिसमें कर्मचारियों के बोनस,अनपेड लीव देने और खर्च कम करने के कई बड़े मुद्दे पर चर्चा हुई. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण एयरलाइन के खर्च तेजी से बढ़े हैं, जिसका असर अब कंपनी के फैसलों में साफ दिखाई देने लगा है.
कॉस्ट कटिंग पर बड़ा फोकस
एयर इंडिया बोर्ड की इस अहम बैठक में कंपनी की वित्तीय स्थिति, खर्च कम करने की स्ट्रैटजी और ऑपरेशनल रिस्क पर विस्तार से चर्चा हुई. एयरलाइन फिलहाल बढ़ती फ्यूल कॉस्ट और लंबे फ्लाइट रूट की वजह से दबाव में है. इसी कारण अब कंपनी खर्च घटाने के लिए कई सख्त कदमों पर विचार कर रही है.
बोनस रोकने और अनपेड लीव पर चर्चा
IANS की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में कर्मचारियों को अस्थायी तौर पर अनपेड लीव देने और परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस की पेमेंट टालने जैसे ऑप्शन पर भी विचार किया गया. ये बोनस कर्मचारियों के कॉस्ट-टू-कंपनी स्ट्रक्चर का हिस्सा माने जाते हैं. हालांकि अभी इन फैसलों पर अंतिम घोषणा नहीं हुई है, लेकिन चर्चा ने कर्मचारियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है.
मिडिल ईस्ट टेंशन से बढ़ा खर्च,22,000 करोड़ से ज्यादा घाटे का अनुमान
एयर इंडिया पिछले कुछ महीनों से ऑपरेटिंग कॉस्ट में तेज बढ़ोतरी का सामना कर रही है. वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण कई फ्लाइट्स को लंबे रूट से उड़ाना पड़ रहा है. इसके साथ ही जेट फ्यूल की कीमतें भी बढ़ी हैं, जिससे एयरलाइन पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है. इस बैठक के दौरान बोर्ड ने एयर इंडिया के 2025-26 के वित्तीय प्रदर्शन की भी समीक्षा की.
रिपोर्ट्स के अनुसार एयर इंडिया ग्रुप को मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष में 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा होने का अनुमान है. यही वजह है कि कंपनी अब खर्चों पर सख्ती से नियंत्रण करने की दिशा में काम कर रही है.
नए CEO की तलाश पर भी हुआ मंथन
एयर इंडिया बोर्ड ने कंपनी के लीडरशिप में बदलाव पर भी चर्चा की. मौजूदा CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन इस साल के अंत तक पद छोड़ने वाले हैं. वह आज यानी शुक्रवार को कर्मचारियों को टाउनहॉल मीटिंग में संबोधित भी कर सकते हैं. ऐसे में नए CEO के चयन को लेकर भी बोर्ड स्तर पर विचार-विमर्श हुआ.
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बढ़ाया गल्फ नेटवर्क
इसी बीच एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अप्रैल में कतर और बहरीन के लिए फ्लाइट ऑपरेशन फिर से शुरू करने का ऐलान किया था. इसके साथ एयरलाइन ने UAE, ओमान और सऊदी अरब जैसे प्रमुख गल्फ डेस्टिनेशन में अपना नेटवर्क भी बढ़ाया है. यह विस्तार 30 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुआ.
ग्लोबल एविएशन सेक्टर पर भी असर
वेस्ट एशिया में जारी तनाव का असर सिर्फ एयर इंडिया ही नहीं बल्कि पूरी एविएशन इंडस्ट्री पर देखने को मिल रहा है. कई एयरलाइंस के फ्लाइट शेड्यूल प्रभावित हुए हैं और ऑपरेशन कॉस्ट तेजी से बढ़ी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मार्च महीने में पैसेंजर ट्रैफिक में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई. खाड़ी देशों में तनाव के कारण यात्रियों की संख्या में भारी कमी देखी गई है.
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