क्या इंसानों से भी आगे निकल जाएगा AI, क्या जितना सोचा था, ये AI उससे भी तेज निकला, क्या इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगाने की जरूरत है? ऐसे सवालों और चिंताओं के बीच ग्लोबल मार्केट में AI कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के भविष्य और इसके अस्तित्व से जुड़े जोखिमों को लेकर बढ़ती चिंताओं ने बाजार में सेंटिमेंट को प्रभावित किया. ये गिरावट ऐसे समय में आई है, जब एंथ्रोपिक (Anthropic), ओपनएआई (OpenAI) और स्पेसएक्स (SpaceX) जैसी दिग्गज कंपनियों के प्रमुखों ने AI विकास की रफ्तार धीमी करने की वकालत की है.
AI कंपनियों के इस रुख के बाद निवेशकों में हड़कंप मच गया है. ओपनएआई में करीब 13 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली सॉफ्टबैंक (SoftBank) के शेयरों में 13 फीसदी तक की भारी गिरावट आई. इसके अलावा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स 2.8 फीसदी और जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1 फीसदी लुढ़क गया. नैस्डैक 100 फ्यूचर्स ने भी अमेरिकी टेक शेयरों में 1.3 फीसदी की गिरावट के संकेत दिए.
क्यों सहमा ग्लोबल बाजार?
यह उथल-पुथल एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई द्वारा लिखे गए उस लेख के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने सुरक्षा सुनिश्चित करने और विकास की गति को नियंत्रित करने के लिए प्रमुख AI कंपनियों से आपस में तालमेल बिठाने की अपील की थी. ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और स्पेसएक्स के एलन मस्क ने भी इस बात का समर्थन किया. जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से निवेशकों में यह डर बैठ गया है कि अब सरकारें और नियामक इस सेक्टर पर शिकंजा कस सकते हैं.
चिप बनाने वाली कंपनियों को सबसे बड़ा झटका
एशियन मार्केट्स में उन कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ जो ग्लोबल AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए चिप्स और हार्डवेयर सप्लाई करती हैं. दक्षिण कोरिया और ताइवान के चिपमेकर इंडेक्स इस साल अब तक करीब 60 फीसदी की तेजी पर चल रहे थे, लेकिन सोमवार को इनमें जोरदार बिकवाली हुई:
SK Hynix में 5.8% की गिरावट देखी गई, जबकि Kioxia में 6% से ज्यादा की गिरावट. वहीं Samsung Electronics में 3.5% की गिरावट देखी गई और TSMC (ताइवान) में 1.2% की गिरावट देखी गई. हांगकांग में चीनी AI स्टार्टअप्स जेड.AI (Z.AI) और मिनीमैक्स (MiniMax) के शेयरों में भी 7.9% और 6.4% की गिरावट दर्ज की गई.
Expert बोले- ये तो होना ही था
FT की रिपोर्ट के अनुसार, अबरदीन (Aberdeen) में एशिया-प्रशांत इक्विटी प्रमुख प्रुकसा इआमथोंगथोंग ने कहा, 'किसी न किसी मोड़ पर निवेशकों और सरकारों को इस तकनीक को लेकर असहज होना ही था.' हालांकि, कुछ निवेशकों का यह भी मानना है कि यदि इस सेक्टर पर थोड़ी सख्त निगरानी (Oversight) बढ़ती है, तो इससे बाजार में भविष्य में अनिश्चितता कम होगी और स्थिरता आएगी.
भारतीय शेयर बाजार के लिहाज से देखें तो ग्लोबल टेक शेयरों में आई इस सुस्ती का असर यहां के आईटी और टेक शेयरों पर भी देखने को मिल सकता है, क्योंकि भारत के बाजार भी वैश्विक संकेतों से अछूते नहीं रहते हैं. आज सोमवार को गणेश चतुर्थी को लेकर भारतीय बाजार बंद हैं, जो कि मंगलवार को खुलेंगे.
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