नवरात्रि और दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी सीमेंट (Adani Cement) ने मां दुर्गा को एक अनोखी और भव्य स्वरूप तैयार की है.कंपनी ने अपने मध्य प्रदेश स्थित कायमोर सीमेंट प्लांट में 15,000 सीमेंट की बोरियों को इस तरह सजाया कि ऊपर से देखने पर मां दुर्गा का विराट स्वरूप नजर आता है. कंपनी का दावा है कि यह भारत और दुनिया की पहली ऐसी सीमेंट कंपनी बन गई है, जिसने बोरियों के जरिए इस तरह का भव्य ट्रिब्यूट तैयार किया है. इसके जरिये दुनिया की नौवीं सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता अदाणी सीमेंट ने आस्था, शक्ति और विश्वास का संदेश देने का प्रयास किया है.
70x70 फीट का कैनवास और 750 टन सीमेंट
इस विशालकाय कलाकृति को बनाने के लिए ACC और अम्बुजा सीमेंट (Ambuja Cement) की कुल 15,000 बोरियों का इस्तेमाल किया गया, जिनका कुल वजन लगभग 750 टन है. इसे 70 फीट चौड़े और 70 फीट लंबे विशाल धरातल पर बेहद सटीकता के साथ बिछाया गया. इस विशाल आकृति को तैयार करने में कारीगरों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से मिलकर 12,600 घंटे की कड़ी मेहनत की है.
एरियल व्यू दिखा मां दुर्गा का विराट रूप
एरियल व्यू में साफ दिख रहा है कि जमीन पर रखी हजारों बोरियां शुरुआत में ये सिर्फ अलग-अलग दिखाई देती थीं. लेकिन जैसे-जैसे एरियल या ड्रोन कैमरा ऊपर उठा.. मां दुर्गा का मुकुट, आँखें, दसों भुजाएं और उनका भव्य स्वरूप स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आ जाता है.
15,000 cement bags. 750 tonnes. 12,600 man-hours. One divine tribute. 🙏 At our Kymore plant, Adani Cement created a monumental aerial tribute to Maa Durga across a 70 × 70 ft canvas as part of #JahanVishwasWahanShakti. A celebration of faith, unity and collective effort. https://t.co/KzVaP8GB01
— Adani Cement (@AdaniCement_) October 11, 2026
इस पूरे मेकिंग को एक डिजिटल फिल्म में भी दिखाया गया है, जिसे अदाणी सीमेंट ने अपने डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया है. इसमें बताया गया है कि कैसे सीमेंट की हजारों बोरियों को सटीक तरीके से लगाकर मां दुर्गा की आकृति तैयार की गई.
कंपनी ने विश्वास और शक्ति का दिया संदेश
अदाणी सीमेंट ने इसे अपने नवरात्रि और दुर्गा पूजा 2026 अभियान का हिस्सा बनाया है.यह कैंपेन अदाणी सीमेंट के दो दिग्गज ब्रांड्स ACC और अम्बुजा सीमेंट के कोर मैसेज पर आधारित है. इसमें ACC सीमेंट का 'विश्वास' (Trust) लंबे समय से चली आ रही भरोसे की पहचान से जुड़ा है और अम्बुजा सीमेंट की 'शक्ति' (Strength) मजबूती के वादे को दिखाती है जिसे एक साथ पिरोया गया है. इसका टाइटल "जहां विश्वास, वहां शक्ति" रखा गया है.
मां दुर्गा की आकृति के जरिए कंपनी ने इन दोनों विचारों को एक साथ पेश किया है. इसका मैसेज है कि विश्वास और मजबूती मिलकर किसी बड़े काम को संभव बना सकते हैं. कंपनी ने इसे आस्था, परंपरा और सामूहिक मेहनत से जोड़कर दिखाया है.
काइमोर की परंपरा से जुड़ा अभियान
काइमोर अदाणी सीमेंट के लिए सिर्फ एक प्लांट की जगह नहीं है. यहां एसीसी का सीमेंट प्लांट 1923 में स्थापित हुआ था. इस इलाके में रामलीला मनाने की भी लंबे समय से परंपरा रही है.कंपनी के मुताबिक, इस अभियान में स्थानीय लोगों, उनकी आस्था और परंपराओं को भी जगह दी गई है.
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