केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है. आज यानी 18 मई से आयोग की अहम बैठकें हैदराबाद में शुरू हो रही हैं, जिससे कर्मचारियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं. केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और रिटायर्ड पेंशनर्स को अब 8वें वेतन आयोग के लागू होने का बेसब्री से इंतजार है. यही वजह है कि सैलरी बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन रिफॉर्म्स और महंगाई भत्ते को लेकर होने वाली चर्चाओं से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर पर कर्मचारी बारीकी से नजर बनाए हुए हैं
8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में आयोग की टीम 18 और 19 मई को हैदराबाद दौरे पर रहेगी. इस दौरान आयोग कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर्स एसोसिएशनों और विभिन्न केंद्रीय सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा. बैठकों में कर्मचारियों की मांगों और सुझावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग
इस समय सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है. कई कर्मचारी संगठनों ने इसे मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करने की मांग रखी है.अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.
₹18,000 से ₹69,000 बेसिक सैलरी की मांग
कर्मचारी यूनियनें न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग कर रही हैं. इसके अलावा वार्षिक वेतन वृद्धि दर को 3% से बढ़ाकर 5% या 6% करने का भी प्रस्ताव रखा गया है.
पेंशन और DA मर्जर पर भी जोर
बैठकों में पेंशन सुधार और महंगाई भत्ते यानी DA को बेसिक सैलरी में मर्ज करने की मांग पर भी चर्चा हो रही है.
कई यूनियनों ने पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को फिर से लागू करने, पेंशन समानता और पेंशन बढ़ोतरी जैसे मुद्दे भी उठाए हैं.
मेमोरेंडम जमा करने की तारीख बढ़ी
8वें वेतन आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी है. इससे कर्मचारी संगठनों और हितधारकों को अपने सुझाव देने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है.
दिल्ली के बाद अब दूसरे राज्यों में होंगी अहम बैठकें
इससे पहले अप्रैल के अंत में दिल्ली में आयोग और कर्मचारी संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत हुई थी. अब आयोग देशभर में अलग-अलग राज्यों में परामर्श बैठकें कर रहा है.हैदराबाद के बाद अगली बैठकें विशाखापत्तनम, श्रीनगर और लेह में आयोजित की जाएंगी.
18 महीने में देनी होगी रिपोर्ट
आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट 18 महीने के भीतर सरकार को सौंपनी है. इसके बाद केंद्र सरकार तय करेगी कि कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में कितना बदलाव किया जाएगा.
कर्मचारियों को सैलरी- पेंशन बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार
सरकार द्वारा आयोग के गठन को छह महीने से ज्यादा समय हो चुका है. ऐसे में अब कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई सैलरी और पेंशन आखिर कब से लागू होगी. महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्चों के बीच कर्मचारी इसे सिर्फ सैलरी बढ़ोतरी नहीं, बल्कि बड़ी राहत के तौर पर देख रहे हैं.
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