8th Pay Commission News: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है. अब 8वां वेतन आयोग फिलहाल कंसल्टेशन फेज में पहुंच चुका है और देशभर में कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर्स संगठनों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है. दिल्ली से लेकर हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख तक आयोग अलग-अलग संगठनों से सुझाव लेगा. इन बैठकों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन रिवीजन, DA, अन्य भत्तों और प्रमोशन सिस्टम जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी. माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन सैलरी में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं....
8वें वेतन आयोग पर जारी हलचल के बीच चलिए जानते हैं कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 10 लेटेस्ट अपडेट क्या हैं...
कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़े 10 बड़े अपडेट
- 8वां वेतन आयोग 13 और 14 मई 2026 को नई दिल्ली में रेलवे और डिफेंस सेक्टर के कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स बॉडीज के साथ बैठक करेगा.
- आयोग 18-19 मई को हैदराबाद, 1 से 4 जून तक श्रीनगर और 8 जून को लद्दाख का दौरा करेगा. यहां भी कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से सुझाव लिए जाएंगे.
- 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स पर पड़ेगा.
- कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3.8 से 3.833 तक करने की मांग रखी है. फिलहाल 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था.
- अलग-अलग संगठनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹65,000 से ₹69,000 रुपये तक करने की मांग रखी है. अभी न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है.
- कर्मचारी यूनियनों ने 8वां वेतन आयोग के सामने पेंशन स्ट्रक्चर में सुधार, DA को महंगाई से लिंक करने और पेंशन भुगतान में समानता की मांग की है.
- कर्मचारी संगठनों ने मौजूदा 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 5 से 6 फीसदी करने का सुझाव दिया है.
- यूनियनों ने प्रमोशन सिस्टम को तेज और आसान बनाने, पे लेवल्स को सरल करने और यूनिफाइड पे मैट्रिक्स लागू करने पर भी जोर दिया है.
- कई संगठनों ने HRA, TA और रिस्क अलाउंस बढ़ाने की मांग की है. कुछ यूनियनों ने तकनीकी और रक्षा कर्मचारियों के लिए अलग स्किल बेस्ड पे सिस्टम का सुझाव दिया है.
- सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था. माना जा रहा है कि आयोग 2027 के मध्य तक अपनी सिफारिशें दे सकता है.
8th Pay Commission के सामने इन तीन संगठन ने रखी बड़ी डिमांड
नेशनल काउंसिल ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹69,000 करने और फिटमेंट फैक्टर 3.833 करने की मांग की है. संगठन चाहता है कि सालाना इंक्रीमेंट 3 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी किया जाए. NCJCM ने Level 13 तक यूनिफाइड पे मैट्रिक्स, प्रमोशन सिस्टम को आसान बनाने और महंगाई से जुड़ा सैलरी स्ट्रक्चर लागू करने का सुझाव दिया है. इसके अलावा संगठन ने हाउसिंग और यूटिलिटी आधारित सैलरी रिवीजन की भी मांग रखी है.
महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गनाइजेशन ने न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹65,000 और फिटमेंट फैक्टर 3.8 रखने की मांग की है. संगठन ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने, DA को 50 फीसदी पर मर्ज करने, HRA और TA में 2.5 गुना बढ़ोतरी और 10-20-30 प्रमोशन मॉडल लागू करने की मांग रखी है. साथ ही फैमिली युनिट को 5 मेंबर तक बढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है.
ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन (AIDEF) ने न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹69,000 और फिटमेंट फैक्टर 3.833 की मांग की है. संगठन ने डिफेंस कर्मचारियों, DRDO स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों के लिए स्किल बेस्ड पे सिस्टम, तेज प्रमोशन और 10 हजार से 15 हजार रुपये तक रिस्क अलाउंस बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है.
7वें वेतन आयोग में कितनी है मिनिमम सैलरी और पेंशन?
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम ₹18,000 बेसिक सैलरी मिलती है, जबकि न्यूनतम पेंशन ₹9,000 है. वहीं अधिकतम बेसिक सैलरी ₹2.25 लाख और कैबिनेट सचिव जैसे हायर पोस्ट के लिए ₹2.5 लाख तक है. मौजूदा DA/DR 60 फीसदी पर पहुंच चुका है.
वेतन आयोग हर 10 साल में आता है, इसलिए कर्मचारी संगठन इस बार सिर्फ मामूली बढ़ोतरी नहीं बल्कि पूरे सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं. आयोग अब सभी यूनियनों और स्टोकहोल्डर्स के सुझावों का विचार करेगा, जिसके बाद अंतिम सिफारिशें तैयार की जाएंगी.
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