राजधानी दिल्ली में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर जो प्रदर्शन किया, उसने इस इंटरनेशनल इवेंट को राजनीतिक रंग दे दिया. बीजेपी अब कांग्रेस पार्टी को गद्दार बता रही है. आरोप लगा रही है कि इसकी पूरी साजिश राहुल गांधी के आवास पर राहुल, सोनिया और प्रियंका गांधी की मौजूदगी में रची गई थी. हालांकि ये पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस ने भारत के किसी इंटरनेशनल उपलब्धि की आलोचना की हो, विरोध जताया हो.
🔴#BREAKING | भारत मंडपम में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, टी-शर्ट उतार कर सरकार के खिलाफ की नारेबाजी #Congress | #Protest | #AIImpactSummit | @ashutoshjourno pic.twitter.com/71xc0Ns4AU
— NDTV India (@ndtvindia) February 20, 2026
मैक्रों ने UPI की तारीफ की, कांग्रेस को चुभ गई
एक दिन पहले का ही मामला लीजिए. एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत के यूपीआई और डिजिटल बैंकिंग सिस्टम की तारीफों के पुल बांधे थे. मैक्रों ने कहा था कि 10 साल पहले जहां लोगों के बैंक खाते नहीं थे, अब वो लोग मोबाइल से डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं. भारत ने ऐसा कुछ बनाया है, जो दुनिया में कोई और देश नहीं बना सका. मैक्रों ने डिजिटल बदलाव के आंकड़े बताते हुए कहा कि ये केवल तकनीक की सफलता नहीं, बल्कि एक सभ्यता की सफलता की कहानी है.
We all remember that one classmate in a group project - does no work, but shows up to take all the credit. That's Narendra Modi.
— Pawan Khera 🇮🇳 (@Pawankhera) February 20, 2026
Look at the UPI architecture in India that was appreciated by @EmmanuelMacron -
1. The initial conception of UPI happened in 2012–2013, under a… pic.twitter.com/lZE05oAZRO
कांग्रेस ने PM मोदी पर बोल दिया हमला
फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने तो भारत की डिजिटल ताकत की तारीफ की थी, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इसके बहाने पीएम मोदी पर हमला बोल दिया. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट में पीएम मोदी का नाम लेकर लिखा, 'सभी को स्कूल-कॉलेज का वो सहपाठी तो याद होगा, जो ग्रुप प्रोजेक्ट में कुछ काम नहीं करता लेकिन जब क्रेडिट लेने की बारी आती है तो सबसे आगे खड़ा हो जाता है.' पवन खेड़ा यहीं नहीं रुके, उन्होंने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए लिखा कि उनके पास मौलिक और क्रांतिकारी विचारों की कमी है. वह केवल फीता काटने, अजीबोगरीब एक्रोनिम्स (लघु नाम) गढ़ने, कांग्रेस को कोसने और दूसरों के काम का श्रेय चुराने में ही खुश रहते हैं.

दरअसल कांग्रेस को लगा कि मैक्रों ने यूपीआई की तारीफ करके मोदी सरकार को सारा क्रेडिट दे दिया है, जबकि पवन खेड़ा का कहना है कि यूपीआई की परिकल्पना 2012-13 में UIDAI के उस वक्त अध्यक्ष रहे नंदन नीलेकणी की अगुआई वाले समूह ने की थी. खेड़ा ने दावा किया कि जिस तकनीक की दुनिया आज तारीफ कर रही है, उसका होमवर्क कांग्रेस के शासनकाल में पूरा हो चुका था.
जी20 समिट की भी आलोचना की
अब जरा साल 2023 को याद कीजिए. भारत ने दिल्ली में जी20 समिट का जोरशोर से आयोजन किया था. ये पहला मौका था, जब दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्कों के संगठन का शिखर सम्मेलन भारत में हो रहा था. भारत मंडपम में ही आयोजित इस समिट को भारत की विदेश नीति और वैश्विक नेतृत्व के लिहाज से एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना गया. लेकिन कांग्रेस पार्टी को इसमें भी पीआर इवेंट नजर आ गया.
उस वक्त कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने जी20 को अंतरराष्ट्रीय मंच के बजाय प्रधानमंत्री की इमेज बिल्डिंग का साधन बना दिया. ये भी कहा कि G20 में भारी भरकम खर्च और चमक-दमक का इस्तेमाल करके मोदी सरकार महंगाई, बेरोजगारी और मणिपुर हिंसा जैसे घरेलू मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है. कांग्रेस के कई नेताओं को तो जी20 के लोगो में कमल पर भी आपत्ति थी.
विदेश में राहुल की 'आपत्तिजनक' टिप्पणियां
कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी कई बार अपनी विदेश यात्राओं के दौरान ऐसी टिप्पणियां कर चुके हैं, जिन्हें बीजेपी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताती है. बीजेपी नेता आरोप लगाते हैं कि राहुल गांधी जानबूझकर विदेश में भारत की संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश करते हैं और "एंटी-इंडिया" अभियान चलाते हैं.
हालांकि इस बार कांग्रेस पार्टी की यूथ विंग यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हद पार कर दी है. जिस वक्त एआई समिट में शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया गया, उस वक्त वहां देश-विदेश के कई दिग्गज और प्रतिनिधि मौजूद थे. लोकतंत्र में विरोध करना सभी का संवैधानिक अधिकार है और घरेलू मुद्दों पर असहमति स्वाभाविक है, लेकिन जब देश किसी अंतरराष्ट्रीय इवेंट की मेजबानी कर रहा हो, जहां दुनिया भर से राष्ट्राध्यक्ष और दिग्गज जुटे हों, तब ऐसी हंगामा पॉलिटिक्स किसी भी नजरिए से उचित नहीं ठहराई जा सकती.