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This Article is From Jul 04, 2018

क्या साफ हो गया कि दिल्ली का 'बॉस' कौन?

Manoranjan Bharati
  • ब्लॉग,
  • Updated:
    जुलाई 05, 2018 06:00 am IST
    • Published On जुलाई 04, 2018 20:32 pm IST
    • Last Updated On जुलाई 05, 2018 06:00 am IST
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के एलजी यानि लेफ्टिनेंट गर्वनर के बीच चल रही जंग के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि दिल्ली सरकार के हर फैसले में दिल्ली के एलजी की सहमति लेना जरूरी नहीं है. साथ ही यह भी कहा है कि दिल्ली सरकार के कैबिनेट को फैसले लेने का अधिकार है और कैबिनेट की सलाह पर चलें एलजी. मगर सबसे महत्वपूर्ण बात कोर्ट ने कही है कि दिल्ली कैबिनेट के फैसले को एलजी लटका नहीं सकते और एलजी कैबिनेट के सभी फैसलों को केन्द्र के पास नहीं भेजें.

साथ ही कोर्ट ने कहा है कि एलजी दिल्ली के प्रशासनिक प्रमुख हैं, मगर यह भी कोर्ट ने साफ कर दिया कि अराजकता और तानाशाही के लिए भी कोई जगह नहीं है और जमीन और कानून व्यवस्था एलजी के पास ही रहेगा. लेकिन क्या यह साफ हो गया है कि दिल्ली का बॉस कौन है..? जी नहीं अदालत ने भी मामला पूरा साफ नहीं किया है बॉस कौन है. कोर्ट ने दोनों के अधिकार बताए हैं, जो संविधान के तहत उन्हें मिले हुए हैं.

उम्मीद की जानी चाहिए कि अब दिल्ली का संकट खत्म हो जाएगा क्योंकि पिछले दिनों एलजी और दिल्ली सरकार के बीच जो कुछ घटा वो इतिहास में कभी नहीं हुआ था. देश में कभी भी चुनी हुई सरकार को धरने पर बैठा नहीं देखा गया था अब तक. इस गतिरोध पर एक तरफ दिल्ली सरकार पर सवाल पर उठ रहे थे कि वह जानबूझकर यह रास्ता अपना रही है वहीं एलजी के बारे में यह कहा जाने लगा था कि एलजी केन्द्र सरकार का मोहरा बने हुए हैं और केन्द्र के ऐजेंडा को लागू करने में लगे हैं. यह एलजी के दफ्तर की छवि के लिए ठीक नहीं हो रहा है.

दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार पर यह आरोप लग रहे थे कि वह अपनी नाकामी छिपाने के लिए एलजी को दोष दे रही है. लेकिन अब केजरीवाल सरकार की बहानेबाजी नहीं चलेगी क्योंकि अब दिल्ली सरकार अफसरों के ट्रांसफर पोस्टिंग भी कर सकेगी. यह एक ऐसी मांग थी जो केजरीवाल काफी दिनों से कर रहे थे. मगर सबसे बड़ा सवाल है कि क्या अब केजरीवाल बनाम केन्द्र सरकार का झगड़ा खत्म हो जाएगा? फिलहाल कहना मुश्किल है क्योंकि दिल्ली में बीजेपी अपनी हार को नहीं पचा पा रही है और आम आदमी पार्टी अपनी इतनी बड़ी जीत को हजम नहीं कर पा रही है.


मनोरंजन भारती NDTV इंडिया में 'सीनियर एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर - पॉलिटिकल न्यूज़' हैं...

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