- बिहार में अगले मुख्यमंत्री का पद भाजपा के हाथ में होगा और नीतीश कुमार की सहमति से उम्मीदवार चुना जाएगा
- सम्राट चौधरी सबसे प्रबल दावेदार हैं जो उपमुख्यमंत्री हैं और कोईरी जाति से आते हैं जिससे सत्ता संतुलन बना रहेगा
- नित्यानंद राय यादव जाति से हैं और अमित शाह के करीबी माने जाते हैं, जिनपर बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है
बिहार में नीतीश कुमार के राज्यसभा का नामांकन भरने के बाद से यहां यह चर्चा ज़ोरों पर छिड़ी है कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? जब यह तय हो गया है कि अगला सीएम बीजेपी का ही होगा तो ऐसे में कयास लगाना भी खतरे से खाली नहीं होगा क्योंकि बीजेपी हमेशा इस मामले में आश्चर्यचकित करती आईं है .यही राजस्थान,मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ और ओड़िसा में देखने को मिला.किसी को हवा नहीं थी कि इन राज्यों का मुख्यमंत्री कौन होगा.यहां तक तो ठीक था मगर जब बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा की तब भी लोग आश्चर्यचकित हुए किसी कोई अंदाजा नहीं था कि नीतीन नबीन राष्ट्रीय होंगे.
मगर बिहार की परिस्थिति बदली हुई है यहां गठबंधन की सरकार है और बीजेपी का जो मुख्यमंत्री होगा वो नीतीश कुमार की जगह लेगा.यह भी कहा गया है भाजपा के मुख्यमंत्री चुनने में नीतीश कुमार का भी हाथ होगा और उनकी सहमति भी ली जाएगी.अब आते हैं दावेदारें पर कि कौन मुख्यमंत्री की इस रेस में कहां पर है.सबसे पहले और प्रवर दावेदार हैं सम्राट चौधरी.अभी उपमुख्यमंत्री हैं अभी केवल 57 साल के हैं.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हर जगह दिखाई देते रहे.कोईरी जाति से आते हैं.
दूसरे नंबर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम है यादव जाति से आते हैं.केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेहद करीबी बताए जाते हैं.अमित शाह कई बार सार्वजनिक मंच पर कह चुके हैं कि नित्यानंद राय को बड़ी ज़िम्मेदारी दी जाएगी.यदि नित्यानंद बनते हैं बीजेपी आरजेडी के यादव वोट बैंक में सेंध लगा सकती है मगर यह भी कहा जा रहा है, जिस यादव जाति का भय दिखाकर बीजेपी अन्य पिछड़ी जाति का वोट लेती है तो फिर यादव को क्यों बनाया जाए. एक और बात की चर्चा है कि बीजेपी मध्यप्रदेश में मोहन यादव को मुख्यमंत्री बना चुकी है. फिर नाम आता है संजीव चौरसिया का,ये पटना के दीघा से विधायक हैं इनके पिता भी विधायक रह चुके हैं और बिहार में बीजेपी के संस्थापकों में से एक रहे.चौरसिया बिहार के अत्यंत पिछड़ी जाति से आते है और बीजेपी इन पर दांव खेल सकती है.मगर इनको लेकर यह कहा जा रहा है कि बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एक ही जगह पटना से ही क्यों बनाएगी.
पटना में एक और नाम की बहुत चर्चा है वो नाम है जनक राम का.रविदास समुदाय से आते हैं.52 साल के हैं.बीजेपी को यदि किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाना हो तो इनकी किस्मत खुल सकती है.मगर इनको लेकर यह कहा जा रहा है बीजेपी ने अभी शिवेश कुमार को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है जो रविदास समुदाय से आते हैं.एक और नाम की चर्चा है वो हैं दिलीप जायसवाल ,अभी मंत्री भी थे वैश्य समाज से आते हैं और यदि बीजेपी किसी वैश्य को चुनती है तो दिलीप जायसवाल का नाम आ सकता है. एक और नाम की चर्चा है वो है गायत्री देवी का.सीतामढ़ी के परिहार से विधायक हैं यादव समुदाय से आती हैं.बिहार में हर गली मोहल्ले चाय और पान की दुकान पर अगला मुख्यमंत्री कौन की ही चर्चा है. कई और नाम लिए जा रहे है और हर नाम के बाद बिहार की जनता आपको यह भी बता देगी कि कौन नहीं बनेगा और उसका कारण क्या है.खैर अंतिम फैसला बीजेपी नेतृत्व को करना है और अभी उनके पाबनहीने भर का वक्त भी है.
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