बिहार के वैशाली में रेलवे की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है. घटारो हॉल्ट के पास बिना गेटमैन खुले फाटक को देख लोको पायलटने ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया. ट्रेन करी 10 मिनट तक रुकी रही, जब गेटमैन नहीं आया तो ड्राइवर ने खुद से फाटक पर स्टॉप का बोर्ड लगाकर गाड़ी पास कराई. रेलवे की इस तरह की लापरवाही से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
फाटक पर नहीं था कोई गेटमैन
दरअसल, वैशाली से कोडरमा जाने वाली ट्रेन (63383) गुजर रही थी. इसी दौरान घटारो हॉल्ट के समीप नामीडीह से करताहां जाने वाली सड़क स्थित रेलवे फाटक बंद नहीं था. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मौके पर कोई गेटमैन भी मौजूद नहीं था. इस दौरान ट्रेन लगातार हॉर्न देती रही, जिससे यात्रियों और आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
स्थिति को संभालने के लिए ट्रेन में मौजूद रेलवे के लोको पायलट नीचे उतरा और स्टॉप को बोर्ड लगाकर ट्रेन को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया गया. इस दौरान ट्रेन करीब 10 मिनट तक खड़ी रही. इस पूरी घटना ने रेलवे की लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वही इस घटना को देख ग्रामीण भी भयभीत हो गए. कुछ लोगों ने बताया कि यहां हमेशा गेट खुला रहता है, गेट मैन गायब रहता है, पास के हाल्ट पर भी कोई अधिकारी कर्मचारी नहीं रहते हैं, ताला बंद रहता है. कभी भी बड़ी घटना घट सकती है.
लोग बोले- ऐसा बराबर होता है...
इस मामले पर सोनपुर रेल मंडल कार्यलय पहुंचकर NDTV की टीम सीनियर डीसीएम से बात करनी चाही तो वह कार्यालय में उपस्थित नहीं थे. फिर PRO ने जानकारी दी कि पीडब्लूआई विभाग ने गेट मैन दिवयांशु कुमार को निलंबित कर दिया गया है और किन कारणों से गेट मैन नहीं था. इसकी जांच की जा रही है. स्थानीय अंकित कुमार बताते है कि फाटक नहीं गिरा हुआ था तो गाड़ी धीरे धीरे फाटक के पास आई. फिर ड्राइवर उतरकर फाटक बंद किया और गाड़ी को आगे ले गया, ऐसा बराबर होता है यहां गेट मैन नहीं रहता है.
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