विज्ञापन

नीतीश के 20 साल के शासन में अब भी बिहार गरीब राज्यों में, अब सरकार का रिमोट कंट्रोल गुजरात में- तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने सवाल करते हुए कहा कि नीतीश की दो दशक के शासन में बिहार अब भी सबसे गरीब राज्यों में से एक बना हुआ है. जेडीयू में नेता बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रही है.

नीतीश के 20 साल के शासन में अब भी बिहार गरीब राज्यों में, अब सरकार का रिमोट कंट्रोल गुजरात में- तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव (IANS)
Bihar News:

बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान अब तक नहीं किया गया है. वहीं नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़कर जाने पर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बिहार की NDA सरकार पर हमला बोला है. तेजस्वी यादव ने सोमवार (13 अप्रैल) को बीजेपी और जेडीयू पर प्रदेश में कुशासन का आरोप लगाते हुए कहा कि अब राज्य में सरकार का रिमोट कंट्रोल गुजरात में है. नीतीश कुमार के दो दशक के शासन में बिहार अब भी गरीब राज्यों में बना है, यहां लोगों के हितों की अनदेखी की गई है.

तेजस्वी यादव ने बिहार के बिगड़ते लॉ एंड ऑर्डर को लेकर आरोप लगाया कि प्रदेश में वर्तमान हालात के जिम्मेदार बीजेपी से जुड़े तत्व है, इनमें वह लोग शामिल हैं जो जेडीयू के अंदर रह कर बीजेपी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं.

सत्ता छोड़ने से पहले बिहार का खजाना खाली

तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि सत्ता छोड़ने से पहले नीतीश कुमार ने बिहार का खजाना खाली कर दिया है. कोई ठोस विकास किए बिना ही राज्य के संसाधनों को खत्म कर रही है.

20 साल तक शासन करने के बाद भी बिहार सबसे गरीब राज्यों में से एक बना हुआ है. यहां प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है और शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा के मामले में भी यह सबसे निचले पायदान पर है. यहां कोई उद्योग या कारखाना नहीं है.

जनता की चिंताओं से कोई लेना-देना नहीं

सीएम पद को लेकर नीतीश कुमार के आवास पर मंत्रियों के आने जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि इस तरह की हलचल का जनता के व्यापक चिंताओं से कोई लेना-देना नहीं है. हमारी चिंता केवल बिहार की जनता है. हमारी चिंता रोजगार, आय, स्वास्थ्य सेवा, बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, शिक्षा, कारखाने और किसान हैं. अब कोई भी सीएम बने लेकिन वह जनता की सरकार नहीं होगी.

उन्होंने सरकार के कामकाज की भी आलोचना करते हुए कहा कि पिछले दो महीनों से कोई कैबिनेट बैठक नहीं हुई है, कोई फैसला नहीं लिया गया है. लोग परेशान हैं. प्रशासन निष्क्रिय हो गया है. भ्रष्टाचार बढ़ गया है. अपराध बढ़ गया है. नौकरियां उपलब्ध नहीं हैं. चुनावों के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं किए जा रहे हैं.

यह भी पढ़ेंः सवर्णों से लेकर दलित-यादव तक... बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद पर अलग-अलग जातियों का रहा है कब्जा

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com