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Success Story: गरीबी से लड़कर हासिल की सफलता, बिजली मिस्त्री के बेटे बने SDM; प्रिंस के संघर्ष ने बदल दी तकदीर

बिहार के बेगूसराय के रहने वाले प्रिंस कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में कामयाबी का परचम लहराया है. वह एसडीएम के तौर पर अपनी सेवा देंगे. बिहट के प्रिंस को 89वां स्थान मिला है. उनकी सफलता से परिवार और गांव में खुशी की लहर है.

Success Story: गरीबी से लड़कर हासिल की सफलता, बिजली मिस्त्री के बेटे बने SDM; प्रिंस के संघर्ष ने बदल दी तकदीर
SDM Prince Kumar Success Story: गरीबी से लड़कर हासिल की मंजिल.

SDM Prince Kumar Success Story: मुश्किल परिस्थितियों में भी अगर संकल्प मजबूत हो, तो सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचना संभव है. बिहार के बेगूसराय (Begusarai) जिले के बिहट (Bihat) निवासी प्रिंस कुमार (Prince Kumar) की सफलता की कहानी इसी जज्बे और मेहनत की मिसाल है. आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी टूटने नहीं दिया और 70वीं बीपीएससी परीक्षा (BPSC) में 89वां रैंक हासिल कर SDM बनने का गौरव प्राप्त किया.

बिजली मिस्त्री के बेटे ने हासिल की बड़ी सफलता

प्रिंस कुमार के पिता बालेश्वर रजक टेंट-पंडाल में बिजली मिस्त्री के रूप में काम करते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन उनके माता-पिता ने बच्चों की शिक्षा से कभी समझौता नहीं किया. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने प्रिंस को बेहतर शिक्षा दिलाने का हर संभव प्रयास किया. आर्थिक कठिनाइयों के कारण प्रिंस ने अपनी शुरुआती पढ़ाई ननिहाल में रहकर पूरी की. उन्होंने सेंट जोसेफ स्कूल से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद रामचरित्र सिंह स्मारक महाविद्यालय बीहट से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की.

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बेटे की सफलता पर पिता के आंखों से निकले खुशी के आंसू

शिक्षा के प्रति उनकी लगन और मेहनत ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी कानपुर तक पहुंचाया, जहां से उन्होंने बीटेक और एमटेक की डिग्री हासिल की. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रिंस ने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और लगातार मेहनत के बल पर 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की. 20 जून को जब 70वीं बीपीएससी परीक्षा का रिजल्ट आया तो पिता बालेश्वर रजक की आंखों में खुशी के आंसू थे. 

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गाजे-बाजे के साथ प्रिंस का स्वागत

गांव लौटने के बाद प्रिंस का पूरे इलाके ने उनका स्वागत किया गया. गाजे-बाजे, फूल-मालाओं और पटाखों के बीच ग्रामीणों ने अपने बेटे की सफलता का जश्न मनाया. बालेश्वर रजक ने NDTV को बताया कि का बेटे की सफलता ने वर्षों की मेहनत का फल दे दिया. वहीं प्रिंस ने भी इस बड़ी सफलता के लिए अपने माता-पिता और नाना नानी को श्रेय दिया है. 

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