विज्ञापन
This Article is From Jan 04, 2019

नीतीश के बदले रुख पर शिवानंद तिवारी ने कहा- चूहे जहाज छोड़ने लगें तो उसका डूबना तय

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने नीतीश कुमार से कहा- आकलन करने में आप चूक गए

नीतीश के बदले रुख पर शिवानंद तिवारी ने कहा- चूहे जहाज छोड़ने लगें तो उसका डूबना तय
नीतीश कुमार और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (फाइल फोटो).
  • कहा- अचानक नीतीश कुमार के अंदर का सोया समाजवादी जाग गया
  • राज्यसभा में लंबित तीन तलाक विधेयक पर जेडीयू बीजेपी का साथ नहीं देगी
  • राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानेंगे, अध्यादेश का समर्थन नहीं
पटना:

राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार के हालिया बदले हुए रुख को लेकर कहा है कि चूहे जब जहाज छोड़ने लगें तो उसके डूबने का अनुमान आप सहजता से लगा सकते हैं.

शिवानंद तिवारी का कहना है कि अचानक नीतीश कुमार के अंदर का सोया समाजवादी जाग गया है. उन्होंने एक बयान में कहा है कि राज्यसभा में लंबित तीन तलाक विधेयक पर उनकी पार्टी बीजेपी का साथ नहीं देगी. राम मंदिर पर भी उनकी ओर से बयान आया है. मंदिर निर्माण मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला मानेंगे. अध्यादेश का समर्थन नहीं करेंगे.

तिवारी ने कहा है कि बात यहीं नहीं रुकती है. कल एक कार्यक्रम में उन्होंने (नीतीश) कहा है कि सभी को अपने विचार व्यक्त करने और धर्म पालन करने की आज़ादी है. आगे कहते हैं कि आज पूरी दुनिया और देश भर में आपसी कटुता को बढ़ाने का माहौल पैदा किया जा रहा है. लेकिन यक्ष प्रश्न यह है कि अचानक नीतीश जी को ये सवाल परेशान क्यों करने लगे है? क्योंकि पिछले तीन चार वर्षों से कट्टरवाद भारतीय संविधान, लोकतंत्र और हमारे बहुरंगी समाज के तानाबाना में तनाव पैदा कर रहा है.

उन्होंने कहा है कि नीतीश जी नासमझ व्यक्ति नहीं हैं. उनको पता है कि भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का यकीन उन मूल्यों में नहीं है जिनकी चिंता नीतीश जी को अचानक आज पुनः सताने लगी है. संघ की नीतियों और उसके खतरे को वे अच्छी तरह समझते हैं. इसीलिए तो संघमुक्त भारत बनाने के संकल्प के साथ उन लोगों से अलग हुए थे. 'मिट्टी में मिल जाऊंगा लेकिन अब इनके साथ नहीं जाऊंगा', इस भीष्म प्रतिज्ञा के बाद पुनः उनके पास जाने की हिम्मत उन्होंने कैसे जुटा ली! महागठबंधन से अलग होने की वजह भ्रष्टाचार वगैरह की उनकी बात तो बेमतलब है. मुझसे बेहतर इसको कौन जानता है.

यह भी पढ़ें : Triple Talaq Bill पर NDA के साथ नहीं जेडीयू, BJP ने वोट बैंक की राजनीति बताया तो कांग्रेस ने ली चुटकी

शिवानंद के कहा कि राम मंदिर या तीन तलाक पर भाजपा या उनके लोंगों का रुख नया तो नहीं है. राम मंदिर के सवाल पर ये लोग सुप्रीम कोर्ट पर दबाव डाल रहे हैं, धमका रहे हैं. योगी ने तो ताल ठोककर कहा कि अयोध्या में राम मंदिर था, है और रहेगा. तीन तलाक का मामला सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से अवैध हो गया. लेकिन इन लोगों को इससे संतोष नहीं हुआ. अवैध हो जाने के बावजूद इस विधि से तलाक देने वाले पर आपराधिक मामला चलाएंगे. इस पर तीन साल की कैद का प्रावधान तो कभी का कर दिया गया था. लेकिन नीतीश जी इन सब पर अब तक मौन क्यों रहे?

यह भी पढ़ें : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी के पास कितनी है संपत्ति

तिवारी ने कहा है कि विचारों की अभिव्यक्ति पर आज जैसा संकट तो आपातकाल के अलावा हम लोगों ने कभी महसूस नहीं किया था. लेकिन नीतीश जी इस पर मौन व्रत में रहे. यहां तक कि एक समय नीतीश जी में प्रधानमंत्री की संभावना देखने वाले रामचंद्र गुहा कट्टरवादियों के भय से अहमदाबाद के सेमिनार में बोलने के लिए नहीं गए. नसीरुद्दीन शाह पर किस ढंग से हमला हुआ. क्या कहा था उन्होंने? देश में बढ़ रही असहिष्णुता पर ही चिंता प्रकट की थी. उनकी आशंका को उन पर हमलावरों ने सच्चा साबित कर दिया. लेकिन हमारे नीतीश जी निर्विकार रहे.

आरजेडी नेता ने कहा कि आज अचानक अपने अंदर के सोए समाजवादी को उन्होंने (नीतीश) जगाया है तो जरूर उसके पीछे कोई खास वजह है. इस समाजवादी जागरण का समय देखिएगा तो समझने में शायद आसानी होगी. पांच राज्यों के चुनाव नतीजे ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पचास साल तक शासन करने के दर्प को चूर कर दिया है. एक समय मोदी को अपराजेय घोषित करने वाले नीतीश कुमार को भी इन नतीजों ने सदमा पहुंचाया है. अब तक विधानसभा के उन चुनाव नतीजों पर उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी है. नतीजों के बाद उनका यही समाजवादी बयान सामने आया है. इससे क्या निष्कर्ष निकलता है?

VIDEO : बिहार में क्या होगा 2019 का गणित

नीतीश बहुत चतुर व्यक्ति हैं. एक दफा आकलन करने में वे चूक कर गए हैं. नरेंद्र मोदी का राजनीतिक अवसान इतनी जल्दी होगा, इसका अनुमान वे नहीं लगा पाए थे. पांच राज्यों के चुनाव नतीजों में उनको नरेंद्र मोदी की राजनीति का सूरज अस्त होता दिखाई दे रहा है. चूहे जब जहाज छोड़ने लगें तो उसके डूबने का अनुमान आप सहजता से लगा सकते हैं. नीतीश अब फिर अपनी राजनीति की चाल बदलने लगे हैं. अब भ्रष्टाचार नहीं कट्टरवाद उनको सताएगा. मुख्यमंत्री की कुर्सी की गारंटी मिल जाए तो लोकतंत्र बचाने के लिए पुनः पलटी मारने में नीतीश जी तनिक भी देर नहीं लगाएंगे.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Nitish Kumar
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com