मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वे पटना में लावारिस जानवरों के लिए गौशाला बनाने जा रहे हैं...
- नीतीश ने कहा कि बिहार में गो हत्या वर्जित है. यह कानून बहुत पहले से है
- बिहार के लोगों की मानसिकता गाय की हत्या की नहीं रही है
- नीतीश ने कहा कि वे पटना में विशेष गौशाला बनाने जा रहे हैं
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पटना:
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा और उसके सहयोगी संगठन 'गोरक्षक' का उपहास उड़ाते हुए सोमवार को कहा कि गो रक्षक जो अपने आपको पशु एवं गाय के प्रति संवेदनशील कहते हैं. उनका यह पहला कर्तव्य है कि सड़क पर लावारिस रूप से घूम रहे जानवरों के लिए विशेष गोशाला बनाकर उनको उसमें रखें तथा उसकी सेवा करें. मुख्यमंत्री सचिवालय में सोमवार को आयोजित लोक संवाद के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान गो हत्या के संबंध में पूछे गये प्रश्न का जवाब देते हुए नीतीश ने कहा कि बिहार में गो हत्या वर्जित है. यह आज का कानून नहीं बहुत पहले से बिहार में गो हत्या वर्जित है. यहां के लोगों की मानसिकता गाय की हत्या की नहीं रही है.
उन्होंने भाजपा के सहयोगी संगठन गो रक्षक दल पर निशाना साधते हुए कहा कि सड़क पर लावारिस पशु घूमते रहते हैं, जिस कारण से बहुत दुर्घटनायें घटती हैं. गो रक्षकों को इन लावारिस पशुओं का पालन पोषण करना चाहिए. नीतीश ने कहा कि प्लास्टिक खाकर कितने जानवर मर रहे हैं. गो रक्षक जो अपने आपको पशु एवं गाय के प्रति संवेदनशील कहते हैं, उनका यह पहला कर्तव्य है कि सड़क पर लावारिस रूप से घूम रहे जानवरों के लिये विशेष गोशाला बनाकर उनको उसमें रखें तथा उसकी सेवा करें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पटना में इस तरह का प्रयोग करने जा रहा हैं. उन्होंने कहा कि गो हत्या के नाम पर अगर यह मानसिकता है कि मूल समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाया जाये तो हम उसके खिलाफ है.
कश्मीर मसले पर पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में नीतीश ने कहा कि कश्मीर की स्थिति बहुत संवेदनशील है. केंद्र सरकार को सभी दलों को साथ लेकर कार्रवाई करने के लिए पहल करनी चाहिये. सभी दलों को कश्मीर समस्या में शामिल करना चाहिये. कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी भारत का ही हिस्सा है यही हम सभी भारतीयों की सोच है. उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है.
उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी बिहार दौरे तथा केंद्र सरकार के तीन वर्ष पूरा होने पर मोदी फेस्ट के आयोजन के संबंध में पूछे गये प्रश्न पर नीतीश ने कहा कि चुनाव के दौरान जो भी वादे किये गये थे उसकी कसौटी पर सरकार खरी नहीं उतरी है. उन्होंने कहा कि जो वादा किया गया था उसके अनुपात में कार्य नहीं किया गया. रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में सरकार ने जितना वादा किया था उपलब्धि उसके अनुपात में कम रही. किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पचास प्रतिशत का मुनाफा जोडकर नया समर्थन मूल्य निर्धारित करने की बात कही गयी थी जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है. वादों के अनुरुप काम नहीं हुआ है. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव के बारे पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि केंद्र में सत्ताधारी पार्टी को आम सहमति बनाने की पहल करनी चाहिये अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो विपक्ष अपना उम्मीदवार खड़ा करेगा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
उन्होंने भाजपा के सहयोगी संगठन गो रक्षक दल पर निशाना साधते हुए कहा कि सड़क पर लावारिस पशु घूमते रहते हैं, जिस कारण से बहुत दुर्घटनायें घटती हैं. गो रक्षकों को इन लावारिस पशुओं का पालन पोषण करना चाहिए. नीतीश ने कहा कि प्लास्टिक खाकर कितने जानवर मर रहे हैं. गो रक्षक जो अपने आपको पशु एवं गाय के प्रति संवेदनशील कहते हैं, उनका यह पहला कर्तव्य है कि सड़क पर लावारिस रूप से घूम रहे जानवरों के लिये विशेष गोशाला बनाकर उनको उसमें रखें तथा उसकी सेवा करें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पटना में इस तरह का प्रयोग करने जा रहा हैं. उन्होंने कहा कि गो हत्या के नाम पर अगर यह मानसिकता है कि मूल समस्याओं से लोगों का ध्यान हटाया जाये तो हम उसके खिलाफ है.
कश्मीर मसले पर पूछे गये एक प्रश्न के उत्तर में नीतीश ने कहा कि कश्मीर की स्थिति बहुत संवेदनशील है. केंद्र सरकार को सभी दलों को साथ लेकर कार्रवाई करने के लिए पहल करनी चाहिये. सभी दलों को कश्मीर समस्या में शामिल करना चाहिये. कश्मीर भारत का अविभाज्य अंग है. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर भी भारत का ही हिस्सा है यही हम सभी भारतीयों की सोच है. उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या का समाधान केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला है.
उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी बिहार दौरे तथा केंद्र सरकार के तीन वर्ष पूरा होने पर मोदी फेस्ट के आयोजन के संबंध में पूछे गये प्रश्न पर नीतीश ने कहा कि चुनाव के दौरान जो भी वादे किये गये थे उसकी कसौटी पर सरकार खरी नहीं उतरी है. उन्होंने कहा कि जो वादा किया गया था उसके अनुपात में कार्य नहीं किया गया. रोजगार उपलब्ध कराने के संबंध में सरकार ने जितना वादा किया था उपलब्धि उसके अनुपात में कम रही. किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पचास प्रतिशत का मुनाफा जोडकर नया समर्थन मूल्य निर्धारित करने की बात कही गयी थी जिसे अभी तक पूरा नहीं किया गया है. वादों के अनुरुप काम नहीं हुआ है. राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव के बारे पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि केंद्र में सत्ताधारी पार्टी को आम सहमति बनाने की पहल करनी चाहिये अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो विपक्ष अपना उम्मीदवार खड़ा करेगा.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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