- पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के प्रबंधनकर्ता प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में रहस्यमय मौत हुई है.
- प्रिंस यादव का अंतिम संस्कार उनके गांव में हजारों लोगों की उपस्थिति में देर रात संपन्न हुआ था.
- रौशन आनंद ने प्रिंस की मौत को हत्या बताया है और इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है.
बिहार की राजधानी पटना में खान ग्लोबल स्टडीज और ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के बीच शुरू हुए विवाद के बीच ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के निदेशक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में मौत हो गई थी. प्रिंस आनंद का अंतिम संस्कार सोमवार देर रात उनके गांव में हुआ. हजारों लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए.
प्रिंस ही ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर का प्रबंधन देखते थे. पटना में ज्ञान बिंदु कोचिंग के 3 ब्रांच हैं. इन सभी का संचालन उनके जिम्मे था. कौन से शिक्षकों को लाना है, कोर्स की फीस, बैच टाइमिंग जैसे फैसले उनके ही जिम्मेदारी थी. रौशन आनन्द की व्यस्तता पढ़ाने में रहती थी. वह प्रिंस ही थे जिन्होंने कुछ सौ की क्षमता वाले कोचिंग को इतना बड़ा बनाया. उनकी मौत के बाद से ही कोचिंग बंद है. रौशन आनंद प्रिंस की मौत को हत्या बता रहे हैं और CBI जांच की मांग कर रहे हैं.
जिला परिषद चुनाव की तैयारी कर रहे थे प्रिंस
स्थानीय लोगों के मुताबिक समाजसेवा में प्रिंस की रुचि थी. वे अपने क्षेत्र से जिला परिषद चुनाव लड़ना चाहते थे. इसकी तैयारी भी कर रहे थे. अभियान में प्रिंस आनंद की मदद कर रहे धीरज सम्राट ने एनडीटीवी से बताया कि प्रिंस चुनाव को लेकर काफी सीरियस था. हमने कई छोटी-छोटी बैठकें भी की. हम अम्बेडकर हॉस्टल, लॉज सभी जगहों पर छात्रों से संवाद करते थे. अगर कोई स्टूडेंट कहता कि वह ज्ञान बिंदु में पढ़ना चाहता है. लेकिन उसके पास फीस नहीं है तो प्रिंस उसे फ्री क्लास दिलवाता था. फ्री क्लासेज सिर्फ अपने इलाके नहीं, बल्कि सभी जरूरतमंदों को दिलवाता था.
परिजन हत्या का लगा रहे आरोप, दोस्त भी शक के घेरे में
रौशन आनन्द ने जेल से निकलने के बाद आरोप लगाया था कि उनके भाई की हत्या हुई है. परिवार के दूसरे सदस्य भी यही मानते हैं. प्रिंस के मामा लड्डू यादव एनडीटीवी से बातचीत में कहते हैं, "प्रिंस की हत्या हुई है. जो दोस्त उसके साथ गए थे, वह भी शक के घेरे में है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जो जानकारी मिलती है, उसके आधार पर उसके दोस्तों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए." प्रिंस की मौत के बाद अंकित ने वीडियो जारी कर प्रिंस के साथ किसी तरह की मारपीट से इनकार किया था. उन्होंने कहा था कि प्रिंस कुछ दवाइयां लेता था और इन दवाइयों की वजह से ही कोई घटना हुई है. प्रिंस के 4 दोस्त अभी नेपाल पुलिस की गिरफ्त में हैं. इनमें रौशन यादव, अंकित यादव, ललटू यादव और जयराम यादव शामिल है.
खबरों के मुताबिक, प्रिंस यादव पर 2021 में खान सर के कोचिंग संस्थान पर कथित हमले से जुड़ी एक घटना में भी आरोप लगा था. आरोप था कि वे एक क्लासरूम में घुसे थे और हिंसक झड़प में शामिल थे. पिछले कुछ सालों में खान सर ने सार्वजनिक रूप से रौशन आनंद पर अपने कोचिंग संस्थान और स्टाफ के खिलाफ हमले और हिंसा की साजिश रचने का आरोप लगाया है. ये आरोप दोनों शैक्षिक समूहों के बीच चल रहे बड़े विवाद का हिस्सा रहे हैं. इस बीच, नेपाल पुलिस प्रिंस यादव की मौत से जुड़े हालात की जांच कर रही है. अधिकारियों ने अभी तक मौत की वजह नहीं बताई है और जांच के नतीजे का इंतजार किया जा रहा है.
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