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This Article is From Feb 04, 2026

कपड़े पर स्पर्म, SHO की लापरवाही... NEET छात्रा की मौत मामले में पटना पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

राजधानी के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में SIT  ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. हालांकि कई जानकारियां पहले ही उजागर हो चुकी है.

कपड़े पर स्पर्म, SHO की लापरवाही... NEET छात्रा की मौत मामले में पटना पुलिस की प्रेस कॉन्फ्रेंस
पटना:

राजधानी के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में SIT  ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. हालांकि कई जानकारियां पहले ही उजागर हो चुकी है. पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, CCTV फुटेज और FSL रिपोर्ट के आधार पर अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा पेश किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच CBI को सौंप दी गई है.

SIT जांच के मुख्य बिंदु 


सिटी SP पूर्वी परिचय कुमार ने बताया कि घटना के बाद FIR दर्ज कर गहन अनुसंधान शुरू किया गया था. इस दौरान हॉस्टल के गार्ड, वार्डन, छात्राओं, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के बयान दर्ज किए गए.  पीड़िता के कमरे से एक दवा बरामद हुई है. साथ ही, परिजनों ने पीड़िता के पांच कपड़े पुलिस को सौंपे, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया था. परिजनों ने आधिकारिक तौर पर बताया कि मृतका की उम्र 18 वर्ष से कम (नाबालिग) थी. पुलिस के अनुसार, जब पीड़िता अपने भाई और मां के साथ पटना लौट रही थी, तब अरवल मोड़ के पास उसने एक दवा खरीदी थी, जिसका उसने इस्तेमाल किया.

पटना SSP का खुलासा: पुलिस की लापरवाही और CCTV की सच्चाई

पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि इस मामले में शुरुआत में काफी अड़चनें आईं. चित्रगुप्त नगर थाना की SHO रोशनी कुमारी की तरफ से जांच में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उन पर दंडात्मक कार्रवाई की गई है. एसएसपी ने स्पष्ट किया कि परिवार की कोशिश थी कि FIR न हो, लेकिन प्रभात मेमोरियल अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर केस दर्ज किया गया.

फुटेज से छेड़छाड़ नहीं

हॉस्टल के CCTV फुटेज को FSL भेजा गया था. जांच में पाया गया कि फुटेज के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है.  फुटेज के अनुसार, 5 तारीख की रात पीड़िता अपने कमरे में जाने के बाद सिर्फ दो बार, दो-दो मिनट के लिए बाहर आई थी. इसके बाद कमरा बंद हो गया, जिसे अगले दिन गार्ड ने खोला.

FSL रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

अनुसंधान के दौरान सचिवालय SDPO-1 अनु कुमारी ने बताया कि अस्पताल से LAMA (Leave Against Medical Advice) रिपोर्ट बरामद की गई है. सबसे चौंकाने वाली बात FSL जांच में सामने आई है, जहां पीड़िता के एक कपड़े पर स्पर्म के अंश पाए गए हैं. यह साक्ष्य मामले को एक नया और गंभीर मोड़ देता है.

अब CBI के हाथ में कमान

पटना IG जितेंद्र राणा ने आधिकारिक पुष्टि की कि मामले की गंभीरता और हाईकोर्ट में दायर अपील पत्र को देखते हुए बिहार सरकार ने इस केस को CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) को सौंपने का निर्णय लिया है.
 

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