बिहार के मोतिहारी में एक नवजात बच्चे के खरीद-फरोख्त का मामला सामने आया है. हैरeनी की बात यह है कि इस काले धंधे में बच्चे के माता-पिता ही शामिल थे. उन्होंने अन्य लोगों के साथ मिलकर 54.50 लाख में अपने जिगर के टुकड़े का सौदा कर दिया. रकम को लेकर हुए झगड़े ने उनकी पोल खोल दी. इस घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी है.
54.50 लाख में हुई नवजात की डील
पुलिस ने इस मामले में नवजात के माता-पिता समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. बच्चे को भी सकुशल बरामद करने के साथ ही लेन-देन की रकम भी जब्त की गई है. पुलिस के मुताबिक, नवजात की कथित खरीद-बिक्री की डील 54.50 लाख रुपये में तय की गई. हालांकि बच्चे के माता-पिता को केवल 1.50 लाख रुपये दिए गए थे. आरोप है कि बाकी रकम बिचौलिये के पास थी. इसी रकम को लेकर हुए विवाद ने पूरे मामले की पोल खोल दी और मामला पुलिस तक पहुंच गया.

माता-पिता समेत 5 लोग गिरफ्तार
मामले की सूचना मिलते ही मोतिहारी सदर-1 एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्व में नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई शुरू की. छापेमारी के दौरान पुलिस ने नवजात को बरामद करते हुए पांच आरोपियोंको धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों में नवजात के माता-पिता प्रमोद सहनी और उनकी पत्नी हिंदू देवी, कथित बिचौलिया तान्या खातून उर्फ कुरैसा खातून, आशा कार्यकर्ता शोभा सिंह और चिंता देवी शामिल हैं.

रकम के झगड़े ने खोली खरीद-फरोख्त की पोल
पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है. जांच की जा रही है कि 54.50 लाख रुपये की कथित डील किसके बीच हुई, रकम का वास्तविक लेन-देन कितना हुआ और इस नेटवर्क में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस ये भी जांच कर रही है कि आरोपियों का किसी अन्य नवजात की खरीद-बिक्री से तो संबंध नहीं रहा है. फिलहाल बच्चा सुरक्षित है और सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है. पुलिस की जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि इस कथित सौदे के पीछे असली नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किस-किस की भूमिका रही है.
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