- सांसद पप्पू यादव को 2017 के कोतवाली थाना क्षेत्र के पुराने मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई है.
- जमानत मिलने के बावजूद अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी होने के कारण उनकी रिहाई संभव नहीं हो सकी है.
- कोतवाली वाले मामले में प्रोडक्शन वारंट के तहत उनकी अदालत में पेशी सुनिश्चित की गई थी.
सांसद पप्पू यादव को हाल ही में एक पुराने मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई है. लेकिन इसके बावजूद उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा. यह मामला साल 2017 में कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने उन्हें राहत तो दी, लेकिन साथ ही अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी रहने के कारण उनकी रिहाई संभव नहीं हो पाई है. कोतवाली वाले मामले में प्रोडक्शन वारंट के तहत उनकी पेशी सुनिश्चित की गई थी.
उनकी मुश्किलें बुद्ध कॉलोनी थाने में दर्ज एक नए मामले की वजह से बढ़ी हुई हैं. दरअसल, जिस दिन पप्पू यादव की गिरफ्तारी हुई थी, उस दौरान उनके समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया था. इस हंगामे के आधार पर उन पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था. फिलहाल, बुद्ध कॉलोनी थाने से जुड़े इसी केस में वे न्यायिक हिरासत में रहेंगे और उन्हें फिलहाल जेल में ही वक्त बिताना होगा.
बुद्धा कॉलोनी थाना से जुड़े मामले में आरोप है कि गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने पुलिस के कार्य में बाधा डाली. इस केस में पुलिस ने कोर्ट से रिमांड की मांग की थी, ताकि पूछताछ की जा सके. हालांकि कोर्ट ने पुलिस की इस मांग को खारिज कर दिया, जिसे पप्पू यादव के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है.
वहीं, कोतवाली थाना से जुड़े कांड संख्या 279/17 को लेकर पप्पू यादव के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें इस मामले में प्रोडक्शन पर रखा जाए. कोर्ट ने वकील की इस मांग को स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई बुधवार के लिए तय कर दी.
सुनवाई के दौरान कोर्ट का माहौल उस समय भावुक हो गया, जब पप्पू यादव ने जज के सामने पटना पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया. अपनी बात रखते हुए वे भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और कोर्ट में फूट-फूटकर रो पड़े. उन्होंने कहा कि उनके साथ गलत व्यवहार किया गया है.
कोर्ट ने पूरे मामले को सुनने के बाद पुलिस की रिमांड याचिका खारिज कर दी और दोनों मामलों में अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी. अब बुधवार को बुद्धा कॉलोनी और कोतवाली थाना से जुड़े मामलों पर फिर से सुनवाई होगी.
फिलहाल पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में जमानत जरूर मिल गई है, लेकिन बाकी दो मामलों की वजह से उनकी जेल से रिहाई अभी संभव नहीं है. इस पूरे घटनाक्रम पर बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है.
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