Bihar flood: एक ओर दक्षिण पश्चिम मानसून की देश से वापसी शुरू हो गई है, लेकिन पिछले दिनों उत्तर प्रदेश और बिहार सहित उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की वजह से कई इलाके बाढ़ में डूब गए हैं. इसमें ज्यादा नुकसान बिहार में हुआ है, जहां अब तक 19 जिलों में 12 लाख से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हो चुके हैं. राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पश्चिमी चम्पारण, किशनगंज, सारण, अररिया, सहरसा, मधेपुरा, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा और कटिहार हैं.
इसके अलावा उत्तरी बिहार में कुल आबादी का बहुत बड़ा हिस्सा बाढ़ संभावित क्षेत्र में निवास करता है. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, उत्तरी बिहार के कुल क्षेत्रफल का 73.63 प्रतिशत बाढ़ संभावित है. कुल 38 में से 28 जिलों में हर साल मानसून के सीजन में बाढ़ आती है जिनमें 15 जिले गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
बिहार : किशनगंज जिले में नदी में बह गए कई मकान, दर्जनों परिवार हुए बेघर
भारत के अलावा पड़ोसी देश नेपाल भी बाढ़ से बदहाल है. दरअसल बिहार की बाढ़ में सबसे बड़ी जिम्मेदार कोसी नदी है. कोसी नदी नेपाल में हिमालय से निकलती है. इसके बाद यह नदी नेपाल के बहुत बड़े हिस्से में बहती हुई बिहार से भारत में प्रवेश करती है. नेपाल के हिस्से में कोसी में पानी बढ़ने पर पहाड़ी देश भारत की ओर पानी छोड़ देता है.

हर साल तबाही मचाती है बाढ़
बिहार में कोसी नदी में सात और सहायक नदियां मिलकर इसमें पानी के स्तर को कई गुना बढ़ा देती हैं. इसी वजह से राज्य में हर साल बाढ़ की वजह से भीषण तबाही मचती है. इसके अलावा नेपाल से उद्गम वाली कमला बलान, बागमती, गंडक, बूढ़ी गंडक समेत कई और नदियां बिहार में आती हैं. बिहार के कई जिले नेपाल से सटे हुए हैं. इनमें सीतामढ़ी, सुपौल, अररिया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी और किशनगंज शामिल हैं.
चूंकि पहाड़ी देश होने की वजह से नेपाल भारतीय राज्यों से अधिक ऊंचाई पर स्थित है, इसकी वजह से यह सारा पानी भारत की ओर आकर तबाही मचाता है. जानकारों की मानें तो इस पानी को रोकने के लिए नेपाल में कोसी नदी पर डैम बनना चाहिए. इसको लेकर भारत नेपाल से कई बार मांग कर चुका है, लेकिन नेपाल सरकार की तरफ से सकारात्मक उत्तर न मिलने की वजह से यह नहीं हो सका है. नेपाल सरकार कोसी नदी पर बनने वाले इस डैम को लेकर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को लेकर चिंतित है.

फरक्का बैराज में गाद भी बनती है बाढ़ का कारण
इसके अलावा हर साल मानसून के बाद बिहार में आने वाली बाढ़ का दूसरा सबसे बड़ा कारण गंगा नदी पर बने फरक्का बैराज को भी माना जाता है. इस बांध पर गंगा और उसकी अन्य सहायक नदियों के साथ बहकर आई गाद इकट्ठी हो जाती है. इसकी वजह से इलाके में बाढ़ का रौद्र रूप देखने को मिलता है.
यह भी पढ़ें-
Explainer: औसत से कम बारिश, फिर भी हर साल क्यों डूब जाता है बिहार?
70 साल से नेपाल के साथ करार, फिर भी बिहार में क्यों हर साल 'जल प्रलय', कहां नाकाम हो रही सरकार?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं