जिले के जानकीनगर थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के साथ सोमवार को शाम के धुंधलके में दरिंदगी को अंजाम दिया गया. घटना तब हुई जब बालिका खेत से वापस घर लौट रही थी. दुष्कर्मी की पहचान गांव के ही युवक मो महफ़ूज के रूप में हुए है. युवक मौका-ए-वारदात से ग्रामीणों द्वारा दबोचा गया ,जिसे पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया. दुष्कर्म पीडिता पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाजरत है जहां उसकी स्थिति गंभीर बताई जाती है. थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान कहते हैं कि पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषी को सजा दिलाई जाएगी.
खेत मे दिया गया दुष्कर्म को अंजाम
सोमवार की शाम महादलित परिवार की नाबालिग बालिका अपने पशुओं को चराकर वापस लौट रही थी. पगडंडी पर खड़े मो महफ़ूज ने अंधेरे का फायदा उठाकर पहले गोद मे उठा लिया और फिर पास के मक्के के खेत मे ले गया जहां उसका मुहं गमछा से बांधकर जबरदस्ती किया. घटनास्थल बता रहा था कि बालिका ने दुष्कर्मी का जमकर प्रतिरोध किया लेकिन असफल रही.
बालिका का शोर सुन जुटे ग्रामीण
बालिका लगातार प्रतिरोध करती रही औऱ इस क्रम में मुंह मे बांधा हुआ गमछा खुल गया. पीड़िता की चीख-पुकार सुन ग्रामीण एकत्रित हुए तो दुष्कर्मी भागने लगा, जिसे दबोच लिया गया. बालिका खून से लथपथ थी और लगतार रोए जा रही थी. तत्काल उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया.
नशेड़ी है दुष्कर्म का आरोपी
स्थानीय लोगों के अनुसार दुष्कर्म का आरोपी मो महफूज नशेड़ी प्रवृति का है. उसे स्मैक का आदी बताया जाता है और स्मैक कारोबार से जुड़े लोगों से भी उसका सम्बन्ध बताया जाता है. गौरतलब है कि जानकीनगर का यह इलाका जो मधेपुरा और अररिया जिला से सटा हुआ है,स्मैक कारोबार का मुख्य केंद्र है और युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृति की वजह से आपराधिक घटनाओं में लगतार वृद्धि हो रही है.
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