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This Article is From Dec 03, 2017

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी दे गई कई संदेश

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी पूरे वैदिक रीति-रिवाज एवं सादगी के साथ संपन्न हुई.

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी दे गई कई संदेश
सुशील मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी के समारोह में कोई तामझाम नहीं था
  • विवाह समारोह रात की बजाय दिन में ही आयोजित की गई थी
  • मंच पर आयोजित इस शादी में उपस्थित लोगों ने सभी वैवाहिक संस्कारों को देखा
  • अतिथियों को प्रसाद स्वरूप 4-4 लड्डू दिए गए
पटना: बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी पूरे वैदिक रीति-रिवाज एवं सादगी के साथ संपन्न हुई. उत्कर्ष ने यामिनी को जयमाला पहनाकर रस्म पूरी की. दिन में आयोजित इस समारोह में वैवाहिक वैदिक मंत्रों का हिन्दी अनुवाद के साथ वाद्ययंत्रों की संगत के साथ प्रस्तुति हुई. उपस्थित मेहमानों को विवाह संस्कार के संस्कृत मंत्रों के हिन्दी अनुवाद की एक-एक पुस्तिका भेंट स्वरूप दी गई. शादी में आम तौर पर बारात लगने, द्वार पूजा और वरमाला के बाद उपस्थित लोग वर-वधू को आशीर्वाद तो देते हैं, परंतु वैवाहिक संस्कारों में उनकी सहभागिता नहीं होती है और वधू पक्ष के परिजन ही इसमें शामिल रहते हैं. लेकिन मंच पर आयोजित इस शादी में उपस्थित सभी लोगों ने वैवाहिक संस्कारों- मसलन गणपति पूजन, कलश पूजन, द्वार पूजन, वरमाला, सप्त वचन, सिंदूरपूर्ति, मंगल फेरे आदि को देखा और मंत्रों को सुना.

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बिना बैंड-बाजा और भोज के उपमुख्यमंत्री के बेटे की शादी अपराह्न 3 से 5 बजे के बीच पूरी हुई. मेहमानों को शादी में ई-निमंत्रण कार्ड से आमंत्रित किया गया था. अतिथियों को शादी के मौके पर प्रसाद स्वरूप 4-4 लड्डू दिए गए.
 
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लड्डू के पैकेट में 'स्वच्छ भारत' का संदेश लिखा था - 'खाली बोतल व डिब्बा डस्टबीन में डालें.' गिफ्ट लाने की मनाही थी. साथ ही देहदान-अंगदान और दहेजरहित शादी के संकल्प के लिए अलग से काउंटर बना था.

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वैदिक मंत्रों की प्रस्तुति मुंबई के प्रतिष्ठित आचार्य (पंडित) रमेश जोशी ने वाद्ययंत्रों की संगत के साथ की. शादी समारोह रात की जगह दिन में आयोजित थी, ताकि दिन की शादी को प्रोत्साहित किया जा सके.
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