राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव. (फाइल फोटो)
- जेडीयू ने लालू यादव के नाम एक खुला पत्र जारी किया
- जेडीयू प्रवक्ता ने कहा, राबड़ी देवी के काल में सृजन की शुरुआत
- लालू के पास वित्तीय अनियमितता का मामला उठाने की नैतिक पात्रता नहीं
पटना:
बिहार में मुख्य विपक्षी दल राजद सृजन घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पर लगातार निशाना साध रही है. वहीं, शनिवार को जेडीयू ने 'कबूलनामा' नाम से राजद अध्यक्ष लालू प्रासद यादव के नाम से एक खुला पत्र जारी किया है. जेडीयू के विधान पार्षद नीरज कुमार द्वारा जारी इस 'कबूलानामा' में लालू से गुनाहों को कबूल करने की अपील की गई है.
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'सृजन की शुरुआत राबड़ी देवी के कार्यकाल में हुई'
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने 'कबूलनामा' में कहा, लालू प्रसाद को यह कबूल करना चाहिए कि सृजन घोटाले की शुरुआत राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री काल में हुई थी. साथ ही लालू की पत्नी ही सृजन घोटाले की जनक मनोरमा देवी को कार्यालय और जमीन देने के लिए जिम्मेदार हैं. नीरज ने कहा कि लालू प्रसाद को यह भी कबूल करना चाहिए कि जैसे ही उन्होंने सृजन घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की तत्काल राज्य सरकार ने इस की अनुशंसा कर दी.
नीरज ने लालू पर तंज कसते हुए पत्र में लिखा है कि सृजन जैसे गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला उठाने से लालू प्रसाद को बचना चाहिए. लालू को यह कबूल करना चाहिए कि वित्तीय अनियमितता के मामले को उठाने की नैतिक पात्रता नहीं है, क्योंकि वह खुद भ्रष्टाचार के मामले में सजायाफ्ता हैं.
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लालू को अपना गुनाह पहले कबूल करना चाहिए
जेडीयू नेता ने लालू प्रसाद को सलाह देते हुए कहा कि भागलपुर में सृजन घोटाले से पहले अपने कार्यकाल में हुए चारा घोटाला, डिग्री घोटाला, अलकतरा घोटाला, रेलवे होटल टेंडर घोटाला, संपत्ति निर्माण योजना, बेनामी संपत्ति अर्जन जैसे गुनाहों को कबूल करना चाहिए. नीरज कुमार ने लालू प्रसाद पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने राजनीति में धंधा करते हुए मंत्री विधायक एवं सांसद बनवाने के लिए राजनीतिक भयादोहन किया है.
VIDEO: सृजन घोटाले की आंच राबड़ी देवी तक?
गौरतलब है कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद सृजन घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. सृजन घोटाले में 1,000 करोड़ से ज्यादा की सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है.
इनपुट : IANS
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'सृजन की शुरुआत राबड़ी देवी के कार्यकाल में हुई'
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने 'कबूलनामा' में कहा, लालू प्रसाद को यह कबूल करना चाहिए कि सृजन घोटाले की शुरुआत राबड़ी देवी के मुख्यमंत्री काल में हुई थी. साथ ही लालू की पत्नी ही सृजन घोटाले की जनक मनोरमा देवी को कार्यालय और जमीन देने के लिए जिम्मेदार हैं. नीरज ने कहा कि लालू प्रसाद को यह भी कबूल करना चाहिए कि जैसे ही उन्होंने सृजन घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की तत्काल राज्य सरकार ने इस की अनुशंसा कर दी.
नीरज ने लालू पर तंज कसते हुए पत्र में लिखा है कि सृजन जैसे गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला उठाने से लालू प्रसाद को बचना चाहिए. लालू को यह कबूल करना चाहिए कि वित्तीय अनियमितता के मामले को उठाने की नैतिक पात्रता नहीं है, क्योंकि वह खुद भ्रष्टाचार के मामले में सजायाफ्ता हैं.
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लालू को अपना गुनाह पहले कबूल करना चाहिए
जेडीयू नेता ने लालू प्रसाद को सलाह देते हुए कहा कि भागलपुर में सृजन घोटाले से पहले अपने कार्यकाल में हुए चारा घोटाला, डिग्री घोटाला, अलकतरा घोटाला, रेलवे होटल टेंडर घोटाला, संपत्ति निर्माण योजना, बेनामी संपत्ति अर्जन जैसे गुनाहों को कबूल करना चाहिए. नीरज कुमार ने लालू प्रसाद पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने राजनीति में धंधा करते हुए मंत्री विधायक एवं सांसद बनवाने के लिए राजनीतिक भयादोहन किया है.
VIDEO: सृजन घोटाले की आंच राबड़ी देवी तक?
गौरतलब है कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद सृजन घोटाले को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. सृजन घोटाले में 1,000 करोड़ से ज्यादा की सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है.
इनपुट : IANS
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Lalu Yadav, JDU